Ranchi News : झारखंड में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने लगे हैं. रिम्स में जनवरी से 27 अगस्त तक स्वाइन फ्लू की 26 जांच हुई हैं. इनमें 8 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. खास बात यह है कि सभी 8 मामले अगस्त महीने में ही मिले हैं.
रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ अशोक ने बताया कि दूसरे राज्यों से लोगों के आने-जाने के कारण संक्रमण झारखंड तक पहुंच रहा है. उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है.
रिम्स में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा उपलब्ध है. इसके लिए मरीज के गले और नाक से स्वैब लिया जाता है. इसके बाद आरटी-पीसीआर जांच से संक्रमण का पता लगाया जाता है.
दिल्ली से लौटने के बाद संक्रमित हुए थे डॉ. अशोक
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. अशोक भी स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए. उन्होंने बताया कि वह एक सरकारी बैठक में शामिल होने दिल्ली गए थे. वहां से लौटने के बाद उनकी तबीयत खराब हुई. शनिवार को जांच कराने पर उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. हालांकि अब वह ठीक हैं और काम पर लौट चुके हैं.
क्या हैं स्वाइन फ्लू के लक्षण : स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से फैल सकता है. इसके प्रमुख लक्षण तेज बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द. गले में दर्द या खराश. मतली और उल्टी आना है. कुछ मामलों में दस्त भी हो सकते हैं. बचाव के लिए मास्क और हाथ धोना जरूरी
डॉ. अशोक के अनुसार स्वाइन फ्लू से ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. यह बीमारी कई मामलों में अपने आप ठीक हो जाती है. हालांकि गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
उन्होंने लोगों को पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है. नारियल पानी भी लिया जा सकता है. बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल ली जा सकती है. संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनना और बार-बार हाथ धोना जरूरी है. बिना हाथ धोए नाक, मुंह और आंखों को छूने से बचना चाहिए.
डॉ. अशोक ने कहा कि रिम्स में मिले 8 पॉजिटिव मामलों को लेकर पैनिक करने की जरूरत नहीं है. सावधानी बरतकर संक्रमण से बचा जा सकता है.
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