Search

 
 
 

ममता बनर्जी के आरोप पर चुनाव आयोग का पलटवार, कहा, धमकी बर्दाश्त नहीं होगी, कानूनी कार्रवाई करेंगे

सूत्रों के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ने तेवर तल्ख करते हुए कहा कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के  खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि टीएमसी नेता खुलेआम आयोग और विशेषकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपशब्द और धमकी भरी बोल रहे हैं.
 

 New Delhi/Kolkata : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज सोमवार को 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने पहुंची.

 

 
खबर है कि वे यहां आयोग के अधिकारियों से उलझ गयी.  ममता ने आयोग पर भाजपा के एजेंट होने का आरोप लगाते हुए मुलाकात का बहिष्कार कर दिया.  


ममता ने कहा कि चुनाव आयोग हमारी बात सुनना नहीं चाहता. इसके बाद ममता ने चुनाव आयोग पर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाये. टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल में ममता बनर्जी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, सांसद कल्याण बनर्जी सहित SIR प्रक्रिया से प्रभावित 12 परिवारों के सदस्य शामिल थे. 


 ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग हमारी बात ही नहीं सुनना चाहता. पत्रकारों ने जब ममता से पूछा,  अगर चुनाव आयोग आपकी बातें नहीं मानता,  उनकी शिकायतों को नहीं सुनता,  तो क्या वह चुनाव का बायकॉट करेंगी?  


ममता बनर्जी ने जवाब दिया. हम बहिष्कार नहीं करेंगे, हम लड़ेंगे. ममता चुनाव आयुक्त को अहंकारी और झूठा करार देते हुए कहा, उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया है. सीएम ने दावा किया कि SIR के नाम पर अकेले बंगाल से 58 लाख वोटरों के नाम काट दिये गये हैं. 


ममता बनर्जी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने पलटवार करते हुए टीएमसी नेताओं के व्यवहार पर प्रश्नचिह्न  खड़े कर दिये. ममता बनर्जी के वॉकआउट के बाद चुनाव आयोग के सूत्रों ने अपनी रुख साफ किया.


सूत्रों के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ने तेवर तल्ख करते हुए कहा कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के  खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि टीएमसी नेता खुलेआम आयोग और विशेषकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपशब्द और धमकी भरी बोल रहे हैं.  ममता बनर्जी गलत आरोप लगा रही है


आयोग ने कहा कि  टीएमसी कार्यकर्ताओं और विधायकों ने बंगाल में ERO कार्यालयों में तोड़फोड़ की है.आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारियों को डराया-धमकाया जा रहा है. आयोग ने कहा, SIR प्रक्रिया में लगे अधिकारियों पर किसी भी तरह का दबाव बर्दाश्त नहीं करेंगे. 


चुनाव आयोग ने टीएमसी सरकार दवारा की जा रही अनियमितताओ की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि आयोग ने मानक के अनुसार रिटर्निंग ऑफिसर मांगे थे, लेकिन वर्तमान में केवल 67 विधानसभा क्षेत्रों में ही अधिकारी इस स्तर के हैं. बाकी जगहों पर मानकों का ध्यान नहीं रखा गया.


 आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने चुनाव आयोग की अनुमति के बिना तीन इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वरों का ट्रांसफर कर दिया. आयोग ने 27 जनवरी को आदेश रद्द करने को कहा था, लेकिन सरकार ने अब तक चुप्पी साधे रखी है.   


आयोग ने कहा. 2 ERO, 2 AERO और एक डेटा एंट्री ऑपरेटर पर लापरवाही और अनधिकृत लोगों के साथ लॉग-इन डिटेल्स साझा करने के गंभीर आरोप हैं. आयोग ने दो बार पत्र लिखा, लेकिन राज्य सरकार नेFIR दर्ज नहीं की है.  आयोग ने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसरों का मानदेय समय पर जारी नहीं किया जा रहा है. 

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

 

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही