New Delhi/Kolkata : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज सोमवार को 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने पहुंची.
खबर है कि वे यहां आयोग के अधिकारियों से उलझ गयी. ममता ने आयोग पर भाजपा के एजेंट होने काआरोप लगाते हुए मुलाकात का बहिष्कार कर दिया. इसके बाद ममता ने चुनाव आयोग पर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाये.
Led by Smt. @MamataOfficial and Shri @abhishekaitc, our delegation, accompanied by victims of the brutal SIR process, reached the Office of the Chief Election Commissioner to expose a fundamentally broken, biased, and coercive exercise that has inflicted untold misery on ordinary… pic.twitter.com/EQDPfMzDUK
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) February 2, 2026
We will not cede an inch of land to these Bangla-Birodhi forces.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) February 2, 2026
Led by Smt. @MamataOfficial , Shri @abhishekaitc and Shri Kalyan Banerjee, a delegation including victims of the brutal SIR process met the Chief Election Commissioner in New Delhi. Instead of answering hard… pic.twitter.com/Jg03wOF1Hx
टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल में ममता बनर्जी, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, सांसद कल्याण बनर्जी सहित SIR प्रक्रिया से प्रभावित 12 परिवारों के सदस्य शामिल थे.
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सभी सदस्य काले कपड़ो में थे. प्रतिनिधिमंडल में पांच ऐसे वोटर शामिल थे, जिन्हें मृत घोषित कर दिया गया है, उनके नाम वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में नहीं है. CEC से पांच ऐसे परिवारों के लोग् मिले, जिनके परिवार के सदस्यों की SIR नोटिस मिलने के बाद मौत हो गयी थी.
आयोग के कार्यालय से बाहर आकर ममता बनर्जी ने कहा, मैं बहुत दुखी हूं. दिल्ली की राजनीति में लंबा समय बिताने के अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि वह चार बार मंत्री और सात बार सांसद रह चुकी हैं.
ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार को अहंकारी और झूठा करार देते हुए कहा, मैंने आज तक ऐसा चुनाव आयुक्त नहीं देखा. ममता के अनुसार उन्होंने कहा कि कोई भी कुर्सी हमेशा के लिए नहीं रहती. एक दिन तो इस CEC को जाना ही होगा.
ममता ने पूछा कि बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? ममता ने चुनाव को लोकतंत्र का पर्व करार देते हुए कहा, आयोग ने 98 लाख लोगों के नाम काट दिये, उन्हें जवाब देने का मौका भी नहीं दिया. ममता ने कहा कि भाजपा के इशारे पर पश्चिम बंगाल में नाम काटे जा रहे हैं.
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में जारी SIR प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण, मनमानी, भेदभावपूर्ण है, राजनीति की जा रही है. मतदाताओं के अधिकार छीने जा रहे हैं. याद करें कि ममता बनर्जी कई बार आरोप लगा चुकी हैं कि SIR के कारण राज्य मेंकम से कम 140-150 लोगों की मौत हो चुकी है.
इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली पहुंचने पर बंगाल भवन में प्रभावित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि वे बंगाल के लोगों की निगरानी कर रहे हैं.
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