से सस्पेंड सांसदों ने गांधी प्रतिमा के सामने रातभर दिया धरना, ट्विटर पर मच्छर काटते वीडियो किया शेयर)
सभी तरह के लोन हो जायेंगे महंगे
अगर आरबीआई ब्याज दरों में इजाफा करता है तो सभी तरह के लोन महंगे हो जायेंगे. लोगों को होम लोन, कार लोन समेत अन्य लोन लेना महंगा हो जायेगा. जिसके कारण लोगों को पहले की तुलना में ज्यादा ईएमआई देनी होगी. बोफा सिक्योरिटीज और ब्रोकरेज हाउस के मुताबिक बढ़ती महंगाई को लेकर रिजर्व बैंक सख्त रुख अपना रहा है. फिलहाल केंद्रीय बैंक का मुख्य लक्ष्य महंगाई दर को नियंत्रित करना है. इसलिए अगली मॉनेटरी पॉलिसी बैठक में दरें बढ़ सकती हैं. बोफा ने यह भी कहा कि रिजर्व बैंक यह फैसला ग्रोथ और अर्थव्यवस्था की स्थिति को देखकर लेगा. इसे भी पढ़ें : 31">https://lagatar.in/file-your-income-tax-return-before-july-31-otherwise-you-may-have-to-pay-a-fine/">31जुलाई से पहले इनकम टैक्स रिटर्न कर लें फाइल, वरना भरना पड़ सकता है जुर्माना
दो महीने में आरबीआई ने रेपो रेट में 90 बीपीएस का किया इजाफा
गौरतलब है कि लगातार दो महीनों में रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 90 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है. आरबीआई ने 4 मई को अचानक ब्याज दरों में बदलाव करने का ऐलान किया था. शक्तिकांत दास ने रेपो रेट को 4 फीसदी से बढ़ाकर 4.40 फीसदी कर दिया था. जिसके कारण लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ गया था. फिर जून में रेपो रेट में 50 बेसिस पाइंट का इजाफा किया गया. जिसके बाद रेपो रेट 4.40 फीसदी से बढ़कर 4.90 फीसदी हो गया था. इसे भी पढ़ें : नक्सलियों">https://lagatar.in/nia-is-interrogating-abraham-tuti-who-supplied-explosives-to-naxalites/">नक्सलियोंको विस्फोटक सप्लाई करने वाले अब्राहम टूटी से NIA कर रही पूछताछ
अप्रैल में अपने उच्चतम शिखर को छू चुकी है महंगाई दर
ब्रोकरेज हाउस और बोफा सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 6.7 प्रतिशत और जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.2 प्रतिशत रहेगी. पिछले हफ्ते ही रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि महंगाई दर अप्रैल में हल्की गिरावट के साथ 7.04 प्रतिशत पर आयी है. यानी अभी भी यह तय मानक से ऊपर बनी हुई है. यह इस बात का संकेत हैं कि महंगाई अपना उच्चतम शिखर छू चुकी है. ऐसे में महंगाई को काबू में करने के लिए सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. बोफा की रिपोर्ट में अनुमान जताया गया कि ग्रोथ और अर्थव्यवस्था की स्थिति के आधार पर दरों में बढ़ोतरी का फैसला लिया जा सकता है. इसे भी पढ़ें : जज">https://lagatar.in/judge-uttam-anands-death-anniversary-courts-decision-will-come-today-on-the-statements-of-58-witnesses/">जजउत्तम आनंद की बरसी: 58 गवाहों के बयान पर आज आएगा कोर्ट का फैसला
क्या होती है रेपो दर?
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है, जबकि रिवर्स रेपो रेट उस दर को कहते है जिस दर पर बैंकों को आरबीआई पैसा रखने पर ब्याज देती है. रेपो रेट के कम होने से लोन की ईएमआई घट जाती है, जबकि रेपो रेट में बढ़ोतरी से कर्ज महंगा हो जाता है. इसे भी पढ़ें : सुबह">https://lagatar.in/evening-news-diary-28-july-2022/">सुबहकी न्यूज डायरी।।28 July।।टाना भगतों को हेमंत सरकार का तोहफा।।युवाओं को ऊर्जा मित्र बनाएगा JBVNL।।सीएम हेमंत आज हजारीबाग में।।मंकीपॉक्स पर सरकार अलर्ट।।अर्पिता के ठिकानों से फिर मिले 20 करोड़।।समेत कई खबरें और वीडियो।। [wpse_comments_template]

Leave a Comment