Ranchi News: केंद्र सरकार ने मनरेगा श्रमिक को केवल e-KYC पूरा नहीं होने के कारण रोजगार के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा. ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, मनरेगा में पंजीकृत सभी श्रमिकों को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G में स्थानांतरित किया जा चुका है. यह प्रक्रिया e-KYC पूरा होने या लंबित रहने से प्रभावित नहीं हुई है.
मंत्रालय ने कहा कि e-KYC को रोजगार पाने की अनिवार्य शर्त नहीं बनाया गया है. जिन श्रमिकों का e-KYC अभी बाकी है, वे पहले की तरह रोजगार की मांग कर सकते हैं और उन्हें काम भी उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए जरूरत के मुताबिक विशेष अपवाद व्यवस्था भी लागू है. सरकार के अनुसार, अब तक 15.89 करोड़ श्रमिकों का e-KYC पूरा हो चुका है. इनमें 10.84 करोड़ सक्रिय श्रमिकों में से 10.27 करोड़ का e-KYC पूरा किया जा चुका है. यानी सक्रिय श्रमिकों में करीब 95 प्रतिशत का सत्यापन हो चुका है.
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ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि e-KYC मुख्य रूप से श्रमिकों के डेटाबेस के प्रमाणीकरण और उसे अधिक विश्वसनीय बनाने की प्रक्रिया है. इसे रोजगार की मांग करने के कानूनी अधिकार से नहीं जोड़ा गया है. मंत्रालय के मुताबिक, यह प्रक्रिया काफी आसान है और सामान्य परिस्थितियों में इसे पूरा करने में 30 सेकंड से भी कम समय लगता है.
केंद्र ने यह भी दावा किया कि जिन श्रमिकों ने VB-G RAM G के तहत रोजगार की मांग की है, उन्हें उनकी मांग के अनुरूप काम देने की पेशकश की गई है. अब तक करीब 2.11 करोड़ श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की पेशकश की जा चुकी है.
मंत्रालय ने e-KYC पूरा करने की जिम्मेदारी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सरकारों पर होने की बात कही है. केंद्र ने राज्यों से सभी सक्रिय श्रमिकों का e-KYC जल्द पूरा कराने को कहा है.
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