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पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का खास महाल की 50 डिसमिल जमीन पर कब्जा

Ranchi: पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने हजारीबाग सदर अचंल स्थित खास महाल की 50 डिसमिल जमीन पर कब्जा कर लिया. 15 जून को 2026 को कब्जे की सूचना मिलने पर सदर अंचल अधिकारी घटना स्थल पर गये थे. लेकिन खाली हाथ लौट गये. योगेंद्र साव ने वर्ष 2023 में भी इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी. यह जमीन ईडी के जांच के दायरे में भी शामिल है.


योगेंद्र साव ने जिस जमीन पर कब्जा किया है, वह सदर अंचल के मौजा कैंटोनमेंट में है. जमीन का होल्डिंग नंबर 320, प्लॉट नंबर 872 /1235/873/893/1337 है. जमीन का कुल क्षेत्रफल 50 डिसमिल है. जमीन पर कब्जे की सूचना मिलने पर सदर अंचल के अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार घटना स्थल पर गये थे. लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ा. इससे पहले इसी जमीन पर योगेंद्र साव व पारिवारिक सदस्यों ने नवंबर 2023 में कब्जा करने की कोशिश की थी. इस दौरान जमीन की घेराबंदी की जा रही थी.

थाना में भेजी गयी FIR की पहली  कॉपी


सूचना मिलने पर जिले के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के बाद योगेंद्र साव द्वारा की जा रही घेराबंदी को तोड़ दिया था. इसके बाद तत्कालीन उपायुक्त के आदेश पर खास महाल जमीन पर कब्जा करने की कोशिश में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. उपायुक्त के आदेश के आलोक में तत्कालीन सदर अंचल अधिकारी शशिभूषण सिंह ने खास महाल की इस जमीन पर कब्जा करने के आरोप में योगेंद्र साव और तत्कालीन विधायक अंबा प्रसाद के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया था. लेकिन नामजद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी थी.

 

तत्कालीन अंचल अधिकारी द्वारा नामजद प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दिये गये आवेदन को राजनीतिक दबाव की वजह से लौटा दिया गया था. अंचल अधिकारी को यह निर्देश दिया गया था कि वह खास महाल की इस जमीन पर कब्जा करने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दें. इसके बाद अंचल अधिकारी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए थाना को लिखित आवेदन दिया था. अंचल अधिकारी द्वारा दूसरी बार दिये गये आवेदन पर जमीन कब्जा करने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.

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अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने के लिए थाना को दिया गया लिखित आवेदन


उल्लेखनीय है कि योगेंद्र साव और अंबा प्रसाद के खिलाफ जारी ED की जांच में जमीन पर कब्जा करने का मामला शामिल है. इसमें खास महाल की 50 डिसमिल जमीन भी शामिल है. ईडी ने योगेंद्र- अंबा के पारिवारिक सदस्यों के खिलाफ जांच कर अंबा के भाई अंकित राज व अन्य के खिलाफ Prosecution Complain दायर किया जा चुका है. ईडी ने इस Prosecution Complain में सिर्फ बालू के अवैध कारोबार का उल्लेख किया है. योगेंद्र साव के पारिवारिक सदस्यों के खिलाफ इसीआईआर में दर्ज जमीन पर कब्जा सहित अन्य मामलों में जांच अभी जारी है.

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