Ranchi: झारखंड पुलिस मुख्यालय व एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) में महीनों तक प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले इंस्पेक्टर गणेश कुमार सिंह पिछले दस माह से लापता हैं. एसीबी को पता ही नहीं है कि वह कहां हैं. एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक, गणेश सिंह का आधिकारिक मोबाइल फोन हमेशा बंद बताता है. इस दौरान गणेश सिंह को निलंबित किया गया. उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाई चलायी गयी. लेकिन गणेश सिंह की तरफ से कोई सूचना विभाग को नहीं दी गई है.
जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर गणेश सिंह को निलंबित करने के बाद उसके खिलाफ विभागीय जांच चल रही है. जांच के दौरान लगातार अनुपस्थित रहने की वजह से संचालन पदाधिकारी ने गणेश सिंह को दो ब्लैक मार्क दिए हैं. इसके बाद भी गणेश सिंह लापता ही हैं. अधिकारी अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पिछले 10 महीनों से गणेश सिंह कहां हैं और विभाग उनकी स्थिति को लेकर क्या कर रहा है?
एसीबी मुख्यालय के गलियारों में चर्चा है कि गणेश सिंह का प्रभाव इतना था कि कई संवेदनशील मामलों की फाइलें उनके स्तर से ही होकर गुजरती थीं. यहां तक कि जांच को आगे बढ़ाने से पहले अधिकारियों को उनकी राय का इंतजार करना पड़ता था.
जब पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के पास एसीबी के डीजी का अतिरिक्त प्रभार था, उसी दौरान गणेश कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति पुलिस मुख्यालय में की गई थी. उनकी प्रतिनियुक्ति आदेश डीजी एसीबी के स्तर से जारी नहीं किया गया था. डीजीपी पद से हटने से पहले अनुराग गुप्ता ने गणेश सिंह का तबादला एसटीएफ में कर दिया था. बाद में विभाग ने इसे मान्यता नहीं दी. क्योंकि तबादले से पहले एसीबी का अनुमोदन नहीं लिया गया था.
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