क्या है पूरा मामला
वायरल वीडियो में प्रणित मोरे दर्शकों से बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान डॉक्टर सेजल पवार ने मेडिकल शिक्षा के दौरान एनाटॉमी लैब में डेड बॉडीज के साथ जुड़े कुछ अनुभव साझा किए. बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे और उनके कुछ साथी पुरुष शवों के निजी अंगों के आकार की तुलना किया करते थे.
यह टिप्पणी उस सवाल के जवाब में आई थी, जिसमें प्रणित मोरे ने पूछा था कि डॉक्टर पोस्टमॉर्टम या मानव शरीर पर अध्ययन के दौरान हमेशा गंभीर रहते हैं या कभी मजाक-मस्ती भी करते हैं.वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डॉक्टर सेजल पवार ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है.
अपने बयान में उन्होंने कहा,मैं हाल ही में वायरल हुई वीडियो क्लिप के बारे में बात करना चाहती हूं. उसे दोबारा देखने के बाद मैं समझ सकती हूं कि मेरी बातों से लोग क्यों आहत हुए. यह एक संवेदनशील विषय है और मेरी टिप्पणियां जिस तरह सामने आईं, वह उचित नहीं था. मेरा उद्देश्य किसी का अनादर करना नहीं था, लेकिन मैं मानती हूं कि इरादे से ज्यादा प्रभाव मायने रखता है.उन्होंने आगे लिखा,मैं अपनी बातों की पूरी जिम्मेदारी लेती हूं.
पीछे मुड़कर देखने पर मुझे एहसास हुआ कि मेरे शब्दों का अर्थ मेरे आशय से अलग निकाला जा सकता था.अपने बयान में सेजल ने कहा कि इस घटना ने उन्हें संवाद और संवेदनशील विषयों पर बात करने के तरीके को लेकर आत्ममंथन करने का अवसर दिया है.
सोशल मीडिया पर जारी है बहस
हालांकि माफी के बाद भी सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस जारी है. एक वर्ग सेजल की माफी को सकारात्मक कदम मान रहा है, जबकि कई लोग मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े लोगों की संवेदनशीलता और पेशेवर आचरण पर सवाल उठा रहे हैं.
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