Ranchi News: राजस्व संबंधी मामलों के निष्पादन में लापरवाही और अनावश्यक देरी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. समाहरणालय ब्लॉक-ए सभागार में जिले के सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मियों के साथ डीसी मंजुनाथ भजंत्री ने बैठक की. इस मौके पर जिले में चल रहे विकास योजनाओं, आदिवासी जमीन हस्तांरण, दाखिल खारिज जैसे मामलों की समीक्षा की.
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डीसी ने कहा कि राजस्व कर्मियों की कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. अंचलों में दलालों और बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाने की निर्देश दिया.
उपायुक्त ने 30 दिनों और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित दाखिल-खारिज मामलों की अंचलवार समीक्षा की. उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करें. साथ ही उत्तराधिकार दाखिल-खारिज और भूमि नापी के मामलों की भी समीक्षा की गई.
आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण पर होगी कार्रवाई
बैठक में आदिवासी भूमि के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया.उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जे या हस्तांतरण की किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाए. ऐसे मामलों में विशेष सतर्कता बरतते औऱ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
अनुपस्थित हल्का कर्मचारियों का वेतन रोकने का निर्देश
बैठक में बिना किसी कारण के अनुपस्थित रहने वाले हल्का कर्मचारी-8 विजय उरांव के खिलाफ कार्रवाई की गई. उपायुक्त ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने और वेतन रोकने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में अनुशासनहीनता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बैठक में नामकुम, अनगड़ा और ओरमांझी अंचलों में पर्यटन विकास की संभावनाओं की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता और संभावित पर्यटन स्थलों के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया.
जिले में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने और आवंटन की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में जमीन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है. इसलिए भूमि चिह्नित करने से लेकर आवंटन तक की प्रक्रिया को सुचारू और समयबद्ध बनाया जाए. शिक्षण संस्थानों के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया, ताकि स्थानीय विद्यार्थियों को लाभ मिल सके.
प्रमाणपत्र जारी करने में नहीं हो देरी
उपायुक्त ने नगर विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र सहित सभी प्रकार के प्रमाणपत्र निर्धारित समय-सीमा के भीतर जारी करने का निर्देश दिया. कहा कि प्रमाणपत्रों के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें. इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
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