Washington : जेफरी एपस्टीन (एपस्टीन फाइल्स) फिर सुर्खियों में है. दरअसल अमेरिकी न्याय विभाग ने अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी जांच के 30 लाख से अधिक पन्ने फिर सार्वजनिक कर दिये है. इन दस्तावेजों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम एक दो बार नहीं, बल्कि सैकड़ों बार आया है.
हालांकि न्याय विभाग और FBI ने साफ कर दिया है कि इनमें से अधिकतर आरोप सत्यापित नहीं है. बता दें कि डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश द्वारा जारी नये दस्तावेजों में 1,80,000 तस्वीरें और 2,000 वीडियो का समावेश है.
विभाग के अनुसार निजता और सुरक्षा के को लेकर पीड़ितों की पहचान बताने वाली जानकारियों और बच्चों के शोषण से जुड़ी सामग्री हटा दी गयी है. चर्चित घिसलेन मैक्सवेल के अलाव सभी महिलाओं के चेहरे ब्लर कर दिये गये है.
दस्तावेजों में शामिल एक दावे के अनुसार लगभग 35 साल पहले न्यू जर्सी में एक नाबालिग लड़की को ट्रंप के साथ यौन कृत्य के लिए विवश किया गया था.
एक अन्य दावे में एक 13-14 साल की नाबालिग द्वारा यौन शोषण के दौरान काटने और उसके बाद ट्रंप द्वारा कथित तौर पर चेहरे पर मारे जाने की बात कही गयी है. मार-ए-लागो एस्टेट(ट्रंप का आवास) में ओर्गी पार्टियों' के आयोजन जैसे ग विवरण भी इन दस्तावेजों में शामिल हैं.
हालंकि FBI सहित संघीय जांचकर्ताओं ने इन सभी सूचनाओं को असत्यापित कहा है. अगस्त 2025 के आंतरिक ईमेल के अनुसार आरोप लगाने वाले कई लोग विश्वसनीय नहीं थे.
डिप्टी अटॉर्नी जनरल ब्लांश ने साफ कहा है कि एपस्टीन के निजी ईमेलों की वर्षों तक जांच की गयी. पर ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे यह संकेत सामने आये कि ट्रंप किसी भी आपराधिक गतिविधि या पीड़ितों के साथ अनुचित कर्म में लिप्त थे,
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार इन दस्तावेजों में ट्रंप के खिलाफ ऐसे सनसनीखेज दावे शामिल हैं, जो 2020 के चुनाव से ठीक पहले FBI को भेजे गये थे. न्याय विभाग ने इन दावों को पूरी तरह निराधार और झूठे करार दिया है. बता दें कि ट्रंप लगातार एपस्टीन के साथ किसी भी गलत काम में शामिल होने से इनकार करते रहे हैं.
दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ों में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स से संबंधित सनसनीखेज और अप्रमाणित दावे किये गये हैं.
कुछ ईमेल ड्राफ्ट्स में आरोप लगाया गया है कि बिल गेट्स ने रूसी महिलाओं के साथ संबंध बनाये और कथित तौर पर यौन संचारित रोग (STD) के शिकार हुए. बिल गेट्स को आशंका था कि यह रोग मेलिंडा को भी लगा होगा.
एपस्टीन फाइल्स में दावा किया गया है कि गेट्स ने कथित तौर पर एंटीबायोटिक्स की व्यवस्था करने को कहा था, ताकि वे चुपचाप अपनी तत्कालीन पत्नी मेलिंडा गेट्स दवा दे सके
हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हो पायी है. इस सनसनीखेज खुलासों के बाद बिल गेट्स के प्रवक्ता ने बयान जारी कर आरोपों को पूरी तरह से बेतुके और झूठा करार दिया है. प्रवक्ता के अनुसार एपस्टीन गेट्स से संबंध टूटने से नाराज था. इसलिए बदनाम करने की कोशिश कर रहा था. यह ईमेल्स वर्ष 2013 में भेजे गये थे.
एपस्टीन के दस्तावेजों में कई नामचीन लोगों के नाम हैं, लेकिन वे सभी अलग-अलग संदर्भों में हैं. दस्तावेजों में इवांका ट्रंप, एलन मस्क, माइकल जैक्सन, मिक जैगर, केविन स्पेसी, डायना रॉस, एहुद बाराक, लैरी समर्स, बिल रिचर्डसन, प्रिंस एंड्र्यू, सारा फर्ग्यूसन, क्रिस टकर का जिक्र भी है.
इसके अलावा वॉल्टर क्रॉनकाइट, वुडी एलन, रिचर्ड ब्रैनसन, पीटर थील, लेस वेक्सनर, नोम चॉम्स्की और स्टीफन हॉकिंग के नाम शामिल हैं. इसमें भारतीय मूल की मीरा नायर का भी नाम शामिल हैं, जिनका पुत्र जोहरान ममदानी न्यू यॉर्क का मेयर है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment