- राज्य के 34 विभागों में चल रही अलग-अलग वेबसाइटों को एकीकृत कर सेवाओं को किया जाएगा व्यवस्थित
- AI चैटबॉट, मोबाइल-फ्रेंडली और द्विभाषी सुविधा से उपयोगकर्ता को मिलेगा आसान और तेज अनुभव
Piyush Gautam
Ranchi : झारखंड सरकार के सभी विभागों की वेबसाइटों का इंटरफेस अब नया और यूजर-फ्रेंडली होने जा रहा है. वर्तमान में विभागीय वेबसाइटों की सामग्री नियमित रूप से अपडेट नहीं होने के कारण नागरिकों को योजनाओं व अन्य जरूरी जानकारियां ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हो पाती हैं. इसके कारण ई-गवर्नेंस के तहत मिलने वाली सेवाओं से नागरीकों को वंचित होना पड़ता है. नतीजतन लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन अब यह स्थिति बदलने जा रही है.
झारखंड सरकार राज्य में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए हर विभाग के भीतर संचालित कई वेबसाइटों को एकीकृत करने की योजना पर काम कर रही है. यानी किसी एक विभाग की चार या पांच अलग-अलग वेबसाइटों को मिलाकर एक सिंगल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा, ताकि संबंधित सेवाएं और जानकारी एक ही जगह पर व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हो सके.
विभागों से मांगे गए प्रोटोटाइप
पिछले दिनों मुख्य सचिव अविनाश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभागों के अलग-अलग पोर्टलों को इंटीग्रेट कर नागरिकों को बेहतर अनुभव देने पर मंथन हुआ. बैठक में शामिल विभागीय सचिवों से अपने-अपने विभाग की इंटीग्रेटेड वेबसाइटों का प्रोटोटाइप रिपोर्ट देने को कहा गया. लगभग सभी विभागों ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. राज्य के 34 विभागों में संचालित लगभग 234 वेबसाइटों के नए रूप-रेखा पर काम शुरू हो गया है. इन वेबसाइटों को विभागवार एकीकृत कर नागरिकों को सरल और केंद्रीकृत अनुभव देने का लक्ष्य रखा गया है.
केंद्रीय मानकों के अनुरूप होंगी वेबसाइटें
सभी विभागीय वेबसाइटों को केंद्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित और हिंदी-अंग्रेजी में द्विभाषी बनाया जाएगा. वेबसाइटों को मोबाइल-फ्रेंडली, उपयोगकर्ता के अनुकूल और दिव्यांगजनों के लिए सुलभ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि सरकारी सेवाएं घर बैठे ऑनलाइन मिल सकें.
एआई से होंगी लैस
सभी पोर्टल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से लैस होने जा रहा है. वेबसाइटों में चैटबॉट को इंटिग्रेट किया जाएगा. इसके माध्यम से उपयोगकर्ता चैटबॉट से कोई भी सवाल पूछ सकता है. सवाल पूछते ही एआई चैटबॉट जवाब के तौर पर सीधा उसके लिंक, फॉर्म या समाधान तक पहुंचा देगा.
जल्द होगा कार्यान्वयन एजेंसी का चयन
विभागों की रिपोर्टों के अध्ययन के बाद आगे की रूपरेखा तैयार की जाएगी. इस योजना को लागू करने के लिए कार्यान्वयन एजेंसी का चयन किया जाएगा. एजेंसी की जिम्मेदारी होगी कि वह वेबसाइटों को नया यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस और बेहतर डैशबोर्ड के साथ विकसित करे, ताकि नागरिकों को एक विभाग की साभी जरूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल सके.
तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य
सूचना प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस विभाग के सूत्रों के अनुसार, सरकार के डिजिटल सिस्टम और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के आधुनिकीकरण का कार्य अगले तीन महीने में पूरा होने की संभावना है. यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाना है.
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