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EXCLUSIVE : झारखंड में नक्सलवाद खात्मे की ओर, एक साल में 7.64 करोड़ इनामी समेत 45 नक्सली ढेर

Ranchi :   झारखंड, जो कभी नक्सलवाद का गढ़ माना जाता था, अब नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की दहलीज पर खड़ा है. केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों के साथ सुरक्षा बलों ने मिशन 2026 की ओर तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं.

 

बीते एक साल में झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 45 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें 24 नक्सलियों पर 7.64 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. ये मुठभेड़ें लातेहार, चाईबासा, बोकारो, हजारीबाग, पलामू और गुमला जिलों में हुईं. 

 

नक्सलवाद के खात्मे के 5 मुख्य कारण

- पिछले दो वर्षों में बूढ़ा पहाड़ और सारंडा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में दर्जनों नए फॉरवर्ड कैंप स्थापित किए गए, जिससे नक्सलियों की सप्लाई चेन और आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई. 

- पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, झारखंड में अब दो एक-एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली समेत 40 से भी कम सशस्त्र माओवादी बचे हैं.

- झारखंड सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के कारण सैकड़ों नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा को चुना.

- बूढ़ा पहाड़ जैसे इलाकों में 30 साल बाद सड़कें, बिजली और स्कूल पहुंचे हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों का भरोसा बंदूकों के बजाय विकास योजनाओं पर बढ़ा है.

- सीआरपीएफ की कोबरा और झारखंड जगुआर ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर 'पिन-पाइंट' ऑपरेशन चलाकर नक्सलियों को संभलने का मौका नहीं दिया है.

 

पिछले आठ सालों में साल 2025 में मारे गए सबसे अधिक नक्सली

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह, गुमला, लातेहार और लोहरदगा झारखंड के मुख्य माओवादी प्रभावित जिले हैं. इनमें से गिरिडीह, गुमला, लातेहार और लोहरदगा को 'डिस्ट्रिक्ट ऑफ कंसर्न की सूची में रखा गया है, जहां सुरक्षा बलों का विशेष ध्यान है.

 

झारखंड पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले आठ सालों में साल 2025 में मारे गए नक्सलियों की संख्या सबसे अधिक रही है. साल 2017 में 27, 2018 में 25, 2019 में 31, 2020 में 18, 2021 में 08, 2022 में 13, 2023 में 14, 2024 में 11 और 2025 में 28 और 2026 में अबतक 17 नक्सली मारे गए हैं.

 

जानें बीते एक साल में कब कौन नक्सली मारा गया

- 22 जनवरी 2026 : चाईबासा के छोटानागरा और किरीबुरू थाना क्षेत्र के कुमडी व बहदा जंगल में ऑपरेशन मेघाबुरू में सुरक्षाबलों ने 17 नक्सली ढेर किए, जिनमें पतिराम मांझी, अनमोल और अमित मुंडा शामिल थे.  इन पर कुल 4.49 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था.

- 15 सितंबर 2025 : हजारीबाग जिले के गोहरर हुई मुठभेड़ में एक करोड़ इनामी सहदेव सोरेन, 25 लाख इनामी रघुनाथ हेंब्रम और 10 लाख इनामी बिरसेन गंझू मारा गया. 

- 14 सितंबर 2025 : पलामू जिले के मनातू जंगल में हुए मुठभेड़ में टीपीसी उग्रवादी संगठन का कमांडर पांच लाख इनामी मुखदेव यादव मारा गया.

- 08 सितंबर 2025 : चाईबासा जिले के गोइलकेरा में हुई मुठभेड़ में 10 लाख का इनामी नक्सली अमित हांसदा उर्फ अपटन ढेर.

- 13 अगस्त 2025 : चाईबासा में पोस्ता जंगल में पुलिस व नक्सलियों के बीच मुठभेड़, एक नक्सली मारा गया.

- 05 अगस्त 2025 : गुमला में पुलिस ने पीएलएफआई उग्रवादी संगठन के कमांडर 15 लाख का इनामी उग्रवादी मार्टिन केरकेट्टा को मार गिराया.

- 26 जुलाई 2025 :  गुमला जिले में पुलिसवालों के साथ मुठभेड़ में जेजेएमपी के तीन नक्सली ढेर.

- 16 जुलाई 2025 : बोकारो में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में 25 लाख का इनामी कुंवर मांझी सहित 2 नक्सली ढेर.

- 26 मई 2025 : लातेहार पुलिस ने एनकाउंटर में पांच लाख का इनामी नक्सली मनीष यादव को किया ढेर.

- 24 मई 2025 :  लातेहार पुलिस ने जेजेएमपी सुप्रीमो 10 लाख का इनामी पप्पू लोहरा और पांच लाख का इनामी प्रभात गंझू को मार गिराया.

- 27 मई 2025 : पलामू पुलिस ने मुठभेड़ में माओवादी तुलसी भुइयां को ढेर किया.

- 21 अप्रैल 2025 : बोकारो जिले के लुगुपहाड़ पर सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी नक्सली प्रयाग मांझी उर्फ विवेक और दस लाख इनामी साहेबराम मांझी सहित आठ माओवादी मारे गए.

- 29 जनवरी 2025 : चाईबासा में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए, जिनमें एक महिला भी शामिल थी.

- 22 जनवरी 2025 : बोकारो पुलिस और भाकपा माओवादियों के बीच मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए थे. इनमें एरिया कमांडर रही शांति और मनोज शामिल था. 

 

 

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