Search

 
 
 

EXCLUSIVE : IAS विनय चौबे पर नई FIR दर्ज, रिश्तेदारों व विनय सिंह भी नामजद

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आइएएस अधिकारी विनय चौबे के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की है. इस नई प्राथमिकी में उनके रिश्तेदारों और दोस्त विनय सिंह समेत सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है.
 

Ranchi :    एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आईएएस अधिकारी विनय चौबे के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की है. इस नई प्राथमिकी में उनके रिश्तेदारों और दोस्त विनय सिंह समेत सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. प्राथमिकी में भ्रष्टाचार करने और इसके जरिये अकूत संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाये गये हैं.

 

प्राथमिकी में विनय चौबे के अलावा उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, विश्वसनीय मित्र और अवैध संपत्ति में निवेश करने वाले विनय सिंह, विनय सिंह की पत्नी संचिता सिंह को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. इसके अलावा विनय चौबे के साले शिपिज त्रिवेदी, शिपिज त्रिवेदी की पत्नी प्रियांका त्रिवेदी और विनय चौबे के ससुर एसएन त्रिवेदी को भी नामजद अभियुक्त हैं. 

 

प्राथमिकी में करोड़ों की गड़बड़ी, फर्जी लेनदेन  और परिवार व कर्मचारियों के जरिये अवैध संपत्ति की हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है. विनय चौबे और विनय सिंह शराब घोटाला, जमीन घोटाला के सिलसिले में दर्ज मामले में अभी जेल में बंद हैं.

 

जानकारी के मुताबिक, एसीबी की अब तक की जांच में पाया गया है कि विनय चौबे के पास ज्ञात व वास्तविक संपत्ति से अधिक आय व संपत्ति है. उन्होंने अपनी अब तक की नौकरी में 2.20 करोड़ रुपये कमाये हैं. लेकिन जांच में पता चला है कि उनके नियंत्रण वाले खातों और रिश्तेदारों व सहयोगियों के खाते में 3.47 करोड़ रुपये आये हैं. इस तरह विनय चौबे ने लगभग 1.27 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की, जो ज्ञात आय से 53 प्रतिशत अधिक है. 

 

एसीबी के एक सूत्र ने बताया है कि जांच के दौरान यह पता चला है कि विनय चौबे ने अपनी पत्नी, साले, ससुर, दोस्त व दोस्त की पत्नी के खातों को सिस्टमैटिक नेटवर्क बनाकर इस्तेमाल किया. इन खातों में जमा किये गये रकम का इस्तेमाल नकद, आरटीजीएस, लोन पेमेंट, संपत्ति का निबंधन, निजी कंपनियों को पेमेंट करने में किया गया है.

 

सूत्रों ने बताया है कि अवैध कमाई को छिपाने के लिए अलग-अलग तरह से अलग-अलग खातों का इस्तेमाल किया गया. जांच में यह पता चला है कि विनय चौबे का भ्रष्टाचार सिर्फ व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि उनके लिए विनय सिंह अवैध कमाई को रिसिवर व ऑपरेटर के लिए काम कर रहे थे. विनय सिंह के खातों में कई संदेहास्पद लेन-देन के साथ मिले हैं. उनकी पत्नी भी अवैध कमाई को खपाने के नेटवर्क में शामिल थी.

 

जांच में यह भी पता चला है कि विनय चौबे ने अपने साले  शिपिज त्रिवेदी, साली प्रियांका त्रिवेदी और ससुर एसएन त्रिवेदी के खातों का इस्तेमाल भी कई बार किया. ऐसा करके वह अवैध कमाई को छिपाने की कोशिश कर रहे थे.

 

आदतन भ्रष्टाचार, जहां पोस्टिंग-वहां घोटाला 

विनय चौबे के भ्रष्टाचार की जांच कर रही एसीबी को यह पता चला है कि वह जहां भी रहें, वहां पर गड़बड़ी की. हजारीबाग में उपायुक्त के पद पर रहे तो भूमि घोटाला किया. रांची में जब आबकारी विभाग में रहे तो शराब घोटाला किया.   वह जिन-जिन पदों पर अब तक पदस्थापित रहे हैं, वहां से एसीबी को घपले-घोटाले की जानकारी मिल रही है, जिसकी जांच की जा रही है.  प्राथमिकी दर्ज करने के बाद एसीबी की टीम विनय चौबे, विनय सिंह समेत अन्य नामजद अभियुक्तों के तमाम खातों के रिकॉर्ड, डिजिटल डाटा, मोबाईल फोन ट्रैस, संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और लेन देन की विस्तृत ट्रेसिंग में जुट गई है.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही