Deoghar: बाबा मंदिर में परंपरा के अनुसार बेलपत्र प्रदर्शनी जारी है. प्रदर्शनी को देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए हुए श्रद्धालु भी पहुंच रहे हैं. अलौकिक बेलपत्र प्रदर्शनी को देखकर लोग अचंभित हो रहे हैं. इसका कारण यह है कि इतना सुंदर बेलपत्र आमतौर पर सभी लोगों पर नहीं मिलता है. इस तरह के बेलपत्र लाने में कई दिनों की मेहनत लगती है तब जाकर ऐसे बेलपत्र प्रदर्शनी में लगायी जाती हैं.
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इस अवसर पर काली मंदिर में जनरेल समाज, देव कृपा वन सम्राट बिल्वपत्र समाज, तारा मंदिर में बरनेल समाज, लक्ष्मी नारायण मंदिर में मसानी दल और असमाज, राम मंदिर में राजाराम बिल्वपत्र समाज, आनंद भैरव मंदिर में पंडित मनोकामना राधे श्याम बेलपत्र समाज के दो दल द्वारा लगाई गई।
परंपरा के अनुसार सभी दलों के सदस्यों द्वारा अपने बेलपत्र को चांदी के बर्तनों में सजाकर शहर भ्रमण को निकलते हैं. इसके बाद वह अपने बेलपत्र के साथ अपनी गद्दी पर जाकर प्रदर्शित करते हैं. इस दौरान पहाड़ों और जंगलों से लाया हुआ बेलपत्र बाबा बैद्यनाथ पर भी अर्पित करते हैं और प्रदर्शनी की थानों से भी बेलपत्र को लाकर बाबा पर अर्पित किया जाता है.
इस अवसर पर काली मंदिर में जनरेल समाज, देव कृपा वन सम्राट बिल्वपत्र समाज, तारा मंदिर में बरनेल समाज, लक्ष्मी नारायण मंदिर में मसानी दल और असमाज, राम मंदिर में राजाराम बिल्वपत्र समाज, आनंद भैरव मंदिर में पंडित मनोकामना राधे श्याम बेलपत्र समाज के दो दल द्वारा आकर्षक और बाबा की त्रिनेत्र के समान अनोखे पहाड़ी बिल्व पत्र की प्रदर्शनी लगाई गई.
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