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शिक्षक नियुकित मामले की फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने की सुनवाई, JSSC से मांगा फ्रेस मेरिट लिस्ट

Ranchi News: सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से कहा गया कि जेएसएससी द्वारा उपलब्ध कराई गई संशोधित स्टेट मेरिट लिस्ट उन्हें अब तक नहीं मिली है.
 
ओल्ड हाईकोर्ट बिल्डिंग
  • वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने JSSC से कहा
  • संशोधित मेरिट लिस्ट सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के अनुरूप नहीं
  • अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को

Ranchi News: वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन के अध्यक्ष जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने शिक्षक नियुक्ति से जुड़े (स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2016) मामले की सुनवाई रविवार को हाईकोर्ट के पुराने भवन में की. इस दौरान फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने JSSC से कहा कि उनके द्वारा प्रस्तुत संशोधित स्टेट वाइज मेरिट लिस्ट सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के अनुरूप नहीं है. कमीशन ने जेएसएससी को सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के अनुरूप फ्रेश संशोधित स्टेट मेरिट लिस्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. 

 

कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार यानी 6 अक्टूबर को निर्धारित की है. सुनवाई के दौरान कुछ प्रार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई डाटा का अवलोकन एवं जांच किया गया. सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से कहा गया कि जेएसएससी द्वारा उपलब्ध कराई गई संशोधित स्टेट मेरिट लिस्ट उन्हें अब तक नहीं मिली है. प्रार्थियों की ओर अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता, अधिवक्ता राजेश कुमार व अन्य ने  कमीशन के समक्ष अपना पक्ष रखा.

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बता दें कि हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने मीना कुमारी और अन्य के मामले में 257 याचिका पर फैसला सुनाते हुए फैक्ट फाइंडिंग कमीशन को 3 माह में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है. कमेटी का अध्यक्ष हाई कोर्ट की सेवानिवृत जस्टिस गौतम कुमार चौधरी को बनाया गया है. हालांकि जांच रिपोर्ट पेश करने का फैक्ट फाइंडिंग कमीशन का निर्धारित समय पूरा हो गया था, इसके बाद न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने इस समय सीमा को 3 महीने के लिए और बढ़ा दिया है.

 

उल्लेखनीय हैं कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन द्वारा हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति में हुई गड़बड़ियों की जांच की जा रही है. वर्ष 2016 में जेएसएससी ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की थी. इसके माध्यम से 17786 शिक्षकों की नियुक्ति होनी थी. लगभग 10000 सीटों पर नियुक्ति हुई है. शेष पद रिक्त पड़े हुए हैं. यह नियुक्ति जिलावर मेरिट लिस्ट और स्टेट वाइज मेरिट लिस्ट के आधार पर की गई है. एक ही नियुक्ति परीक्षा में दो तरह का मेरिट लिस्ट होने से हजारों योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हो गए हैं.

 

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