Ranchi: फर्जी तरीके से वेतन निकासी की जांच के लिए वित्त विभाग के अधिकारियों का दल बोकारो पहुंचा. बोकारो ट्रेजरी से फर्जी निकासी का मामला 4.29 करोड़ रुपये से बढ़ कर 10 करोड़ रुपये के करीब पहुंचा गया है.
बोकारो ट्रेजरी में निकासी के मामले में जारी जांच के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताये जाने के बाद वित्त विभाग ने मुख्यालय से अधिकारियों के दल को विस्तृत जांच के लिए बोकारो भेजा है. मुख्यालय से गयी तीन सदस्यी जांच दल ने वहा पहुंचने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है. बोकारो ट्रेजरी से फर्जी तरीके से वेतन निकासी की सूचना के बाद बोकारो के उपायुक्त ने अपर समहार्ता द्वारा प्रारंभिक जांच के बाद की गयी अनुशंसा के आलोक में उप- विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन कर जांच शुरू की थी.
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प्रारंभिक जांच में वेतन मद से रिटायर दारोगा के नाम पर वेतन मद से 3.15 करोड़ रुपये की पुष्टि हुई थी. इसके बाद उपायुक्त द्वारा गठित जांच समिति द्वारा की जा रही जांच के दौरान नौ अप्रैल तक 4.29 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी की पुष्टि हुई था. इसके बाद चल रही जांच के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताये जाने के बाद वित्त विभाग ने अधिकारियों के दल को बोकारो भेजा.
उल्लेखनीय है कि प्रधान महालेखाकार (अकाउंट्स) ने वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये IMFS( Integrated Financial Managment System) डाटा और ट्रेजरी के ऑडिट के दौरान मिली गड़बड़ी की सूचना वित्त विभाग को दी थी. इसमें दारोगा के नाम पर 20 महीनो में 3.15 करोड़ रुपये की निकासी का उल्लेख किया गया था. साथ ही एक ही व्यक्ति का एक महीने का वतेन दो बार निकालने, महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत की सीमा से अधिक निकालने की सूचना दी थी.
इसके अलावा आवास किराया भत्ता मद में भी 10 प्रतिशत की सीमा के बदले 20 प्रतिशत तक की निकासी करने के आलावा कर्मचारियों के मूल वेतन से अधिक दर पर निकासी से संबंधित हुई गड़बड़ी की सूचना दी थी. प्रधान महालेखाकार द्वारा इन सूचनाओं के आधार पर इससे संबंधित जांच शुरू हुई.
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