Ranchi: झारखंड में पुलिस कार्यालयों से संदिग्ध वित्तीय निकासी मामले सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख़ अपनाया है. सभी जिलों और इकाइयों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. यह कदम प्रधान महालेखाकार की रिपोर्ट में बोकारो पुलिस कार्यालय से वेतन मद में अनियमित भुगतान उजागर होने के बाद उठाया गया है.
मुख्यालय की ओर से रांची, जमशेदपुर और धनबाद के एसएसपी, सभी जिलों के एसपी, विभिन्न पुलिस इकाइयों के समादेष्टा, रेंज डीआईजी और जोनल आईजी को पत्र भेजकर अपने-अपने कार्यालयों में हुई वित्तीय निकासी की जांच करने को कहा गया है. साथ ही वित्त और गृह विभाग के स्तर से प्राप्त पत्रों का हवाला देते हुए रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है.
रिपोर्ट के अनुसार, बोकारो एसपी कार्यालय से मई 2024 से दिसंबर 2025 के बीच वेतन मद में करीब 3.15 करोड़ रुपये का भुगतान संदिग्ध पाया गया है. वहीं समीक्षा के दौरान हजारीबाग एसपी कार्यालय से पिछले आठ वर्षों में 15.41 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमित निकासी का मामला भी सामने आया है.
प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि सेवानिवृत्त कर्मियों या ऐसे व्यक्तियों को भुगतान किया गया, जो वास्तविक रूप से संबंधित कार्यालय में कार्यरत नहीं थे.
कुछ मामलों में अभिलेखों का मिलान किए बिना वेतन जारी किया गया. बोकारो मामले में तो एक सेवानिवृत्त व्यक्ति के जीपीएफ विवरण में जन्मतिथि में बदलाव कर उसे कार्यरत दिखाकर भुगतान करने की बात भी सामने आई है.
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कई मामलों में स्वीकृत वेतन से अधिक राशि का मासिक भुगतान किया गया है. इस पूरी प्रक्रिया में निचले स्तर के लिपिकीय कर्मचारियों से लेकर वरीय अधिकारियों तक की भूमिका की जांच की जा रही है.
पुलिस मुख्यालय को आशंका है कि इसी तरह की अनियमितताएं अन्य जिलों में भी हो सकती हैं, इसलिए सभी इकाइयों से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
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