Ranchi: बोकारो ट्रेजरी की प्रारंभिक जांच के दौरान पाये गये फर्जी Pay-ID के सहारे ऐसे लोगों को वेतन भुगतान की आशंका जतायी गयी है, जिनकी नियुक्ति ही सरकार में नहीं हुई है. भुगतान से संबंधित करीब तीन सौ DDO बिल की जांच के दौरान कई Pay-ID फर्जी पाई गई हैं. इससे यह आशंका जतायी जा रही है कि इस फर्जी Pay-ID से ऐसे लोगों को वेतन के नाम पर भुगतान किया गया, जिनकी नियुक्ति ही नहीं हुई है.
प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस महकमे में acquittance roll के रख-रखाव में भारी कमी पायी गयी. इस रजिस्टर में कर्मचारियों का नाम, पदनाम, वेतन मान, मंहगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता आदि का ब्योरा लिखा होता है. सरकारी कर्मचारियों के वतेन भुगतान से संबंधित यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है.
अब इसे डिजटली भी रखा जाता है. इसी रजिस्टर को देखकर सरकारी कर्मचारियों का वेतन तैयार किया जाता है. बताया जाता है कि पुलिस महकमे में acquittance roll को सही तरीके से नहीं रखा गया है. इससे बिल क्लर्क और अकाउंटेंट द्वारा कर्मचारियों की सूची में अपनी मर्जी से Pay-ID बनाकर वेतन के नाम पर फर्जी निकासी की गयी.
बताया जाता है कि इस मामले में पुलिस की ओर से यह दलील दी गयी कि बड़ा स्थापना होने की वजह से हर कर्मचारी के ब्योरे की जांच कर पाना संभव नहीं है. जांच दल ने ट्रेजरी से वेतन भुगतान से संबंधित कई वर्षों का डा़टा लिया है. इन आंकड़ों की विस्तृत जांच के बाद वेतन भुगतान के नाम पर और गड़बड़ी पाये जाने की आशंका जतायी जा रही है.
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