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झारखंड की बेटी फलक फातिमा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिलेगा TIAF अवार्ड

Dhanbad : धनबाद से शुरू हुई सामाजिक बदलाव की एक मुहिम अब वैश्विक पहचान की ओर बढ़ चली है. झारखंड की सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् फलक फातिमा को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित TIAF अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. 

 

यह सम्मान उन्हें 25 जनवरी 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित The International Awards Summit 2026 के दौरान प्रदान किया जाएगा.

 

अवार्ड का आयोजन The International Awards Forum (USA & India) द्वारा किया जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करता है.

 

एक छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाली फलक फातिमा की यात्रा सामाजिक सेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है. बीते आठ वर्षों से वे निरंतर समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों के लिए काम कर रही हैं. उनका कार्य केवल सीमित अभियानों तक नहीं, बल्कि समाज में स्थायी बदलाव लाने की सोच से जुड़ा रहा है.

 

पर्यावरण संरक्षण उनके कार्यों का अहम हिस्सा रहा है. वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और पर्यावरण जागरुकता कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया.

 

वहीं, नशा और ड्रग्स के खिलाफ चलाए गए अभियानों से अनेक युवाओं को सकारात्मक दिशा मिली. उनका स्पष्ट मानना है कि नशामुक्त युवा ही मजबूत समाज और राष्ट्र की नींव रख सकते हैं.

 

रक्तदान को लेकर किए गए उनके प्रयास भी उल्लेखनीय रहे हैं. उनके नेतृत्व में आयोजित शिविरों से कई मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका. कोरोना महामारी के कठिन दौर में उन्होंने जमीनी स्तर पर सक्रिय रहते हुए जरूरतमंदों तक राशन, दवाइयां और सुरक्षा सामग्री पहुंचाकर मानवता का परिचय दिया.

 

फलक फातिमा के कार्यों को इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल चुका है. उन्हें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा NSS राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा जा चुका है, साथ ही वे तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों की प्राप्तकर्ता भी हैं. अब अंतरराष्ट्रीय TIAF अवार्ड उनके सामाजिक योगदान को वैश्विक मान्यता देने वाला एक और महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.

 

नई दिल्ली के होटल हॉलिडे इन एरोसिटी में आयोजित इस समारोह में विभिन्न देशों से सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, उद्यमी और विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे. इस मंच पर फलक फातिमा का सम्मान न सिर्फ उनके लिए, बल्कि पूरे झारखंड और भारत के लिए गौरव का क्षण होगा.

 

धनबाद की गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय सम्मान तक पहुंची यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि सेवा, समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति से वैश्विक पहचान हासिल की जा सकती है. फलक फातिमा आज समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक सशक्त प्रेरणा के रूप में उभर चुकी हैं.

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