Search

 
 
 

Bihar News: हाईटेक होंगे बिहार के किसान, ड्रोन खरीद पर मिलेगी 5 लाख तक की सब्सिडी

Patna News: कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में इस योजना का निर्णय लिया गया है. मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है.
 
सांकेतिक तस्वीर

Patna News: बिहार के किसान खेती के लिए अब ड्रोन का इस्तेमाल करेंगे. इसके लिए राज्य में 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना करेगी. इन सेंटरों का फायदा सीधे किसानों तक पहुंचेगा.

इसे भी पढ़ें: 

 

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में इस योजना का निर्णय लिया गया है. मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है.

 

किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है. कृषि में स्नातक आवेदकों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपये तथा गैर-कृषि में स्नातक आवेदकों को 40 प्रतिशत, अधिकतम चार लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा.

 

किसान अपनी जरूरत के हिसाब से ड्रोन सेवा किराए पर ले सकेंगे. ड्रोन के जरिए फसलों में कीटनाशक, पोषक तत्व एवं अन्य कृषि आदानों के छिड़काव जैसे कार्य कम समय पर किए जा सकते हैं.

 

किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित होने से किसानों को ड्रोन खरीदने के लिए बड़ी राशि खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती. किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार इन केंद्रों से ड्रोन सेवा प्राप्त कर सकेंगे.

न्ना यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत 3173 किसानों को कृषि यंत्र और गन्ना जूसर मशीन खरीदने के लिए परमिट जारी किया गया है. इस योजना में 44 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है.

 

परमिट मिलने के बाद किसान 30 दिनों के भीतर अधिकृत विक्रेता से यंत्र खरीद सकेंगे. निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुदान की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी.

 

उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा सुमेक पोर्टल पर किसानों से ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे. सत्यापन के उपरांत पात्र किसानों के पक्ष में परमिट जारी हुआ. मंत्री का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य गन्ना किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराकर खेती में लगने वाले समय और श्रम कम करना और उत्पादन में वृद्धि करना है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही