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गुमला के कुलांकेरी गांव में किसानों को मौसम आधारित खेती का दिया गया प्रशिक्षण

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में संचालित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की परियोजना ‘ग्रामीण कृषि मौसम सेवा (जीकेएमएस)’ के तहत आज गुमला जिले के कुलांकेरी गांव में किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.
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Ranchi : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में संचालित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की परियोजना ‘ग्रामीण कृषि मौसम सेवा (जीकेएमएस)’ के तहत आज गुमला जिले के कुलांकेरी गांव में किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.

 

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मौसम आधारित कृषि प्रबंधन, आधुनिक खेती तकनीकों और फसल सुरक्षा के उपायों की जानकारी देना था. इस दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को बदलते मौसम के अनुरूप खेती की रणनीति अपनाने पर जोर दिया.

 

बीएयू के डीन पीजी एवं जीकेएमएस के नोडल अधिकारी डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि मौसम पूर्वानुमान के आधार पर खेती करने से जोखिम कम होता है और उत्पादन के साथ-साथ आय में भी वृद्धि संभव है. उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया.

 

मौसम केंद्र, रांची के निदेशक अभिषेक आनंद ने किसानों को मौसम पूर्वानुमान सेवाओं के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि समय-समय पर जारी होने वाले मौसम बुलेटिन का लाभ उठाकर किसान बेहतर निर्णय ले सकते हैं.

 

इस अवसर पर डॉ. बाबूराज पी.पी., बसंत वर्मा, अनुराग सनाड्या और विजय महतो भी मौजूद रहे. विशेषज्ञों ने किसानों के साथ संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के सुझाव दिए.

 

कार्यक्रम में करीब 60 स्थानीय और आसपास के किसानों ने भाग लिया. किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें नई तकनीकों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी मिलती है, जिससे उनकी आय में सुधार संभव है.

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