Ranchi: झारखंड के रांची स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभागार में बुधवार को समीक्षा बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता अभियान निदेशक शशि झा ने की. बैठक का उद्देश्य राज्य में चल रही स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए आगे की कार्ययोजना तय करना था.

बैठक में मातृत्व स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य और टीकाकरण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई. अभियान निदेशक ने निर्देश दिया कि दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि टीकों के भंडारण में कोल्ड चेन प्रबंधन का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, इसलिए सभी सरकारी टीके सुरक्षित और प्रभावी हैं. शहरी स्वास्थ्य संस्थानों में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नगर विकास विभाग के साथ समन्वय बनाने का भी निर्देश दिया गया.

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए अभियान निदेशक ने कहा कि बारिश से पहले ही जरूरी कदम उठाए जाएं. मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को खत्म करने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया. हाल ही में हुए मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान की समीक्षा में बताया गया कि राज्य में 87 प्रतिशत लक्ष्य हासिल हुआ है. शेष लोगों तक दवा पहुंचाने के लिए अप्रैल में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया.
विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर शुरू हुए सौ दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सभी वार्डों में टीबी मुक्त वार्ड अभियान चलाने को कहा गया. नवनिर्वाचित वार्ड पार्षदों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. निर्देश दिया गया कि वार्ड पार्षदों को संबंधित क्षेत्र के डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मियों और सीएचओ की सूची उपलब्ध कराई जाए और दीवार लेखन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का प्रचार किया जाए. इससे स्थानीय स्तर पर ही इलाज उपलब्ध होगा और जिला अस्पतालों में भीड़ कम होगी.
बैठक में नगर विकास विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया. जिन केंद्रों में डॉक्टर नहीं हैं, वहां सिविल सर्जन स्तर से चिकित्सकों की तैनाती करने को कहा गया. जरूरत के अनुसार एलोपैथ के साथ होम्योपैथ, आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सकों की भी नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए.
स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई, रंग-रोगन, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया. आईईसी के माध्यम से संस्थानों की ब्रांडिंग करने और निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए. डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत मरीजों के रिकॉर्ड को ऑनलाइन अपडेट करने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी चर्चा हुई.
बैठक में वीबीडी कोषांग के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. बीरेन्द्र कुमार सिंह, एनयूएचएम के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. मुकेश मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि मौजूद रहे.
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