Jamshedpur News: झारखंड के 735 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी घोटाले की जांच में गिरफ्तार स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उसके बेटे राज जायसवाल को गुरुवार को जेल भेज दिया गया. दोनों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार देर रात गिरफ्तार किया था. गुरुवार को रांची स्थित ED की विशेष अदालत में पेशी के बाद विशेष न्यायाधीश ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया.
गिरफ्तारी से पहले बुधवार को जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में दोनों की मेडिकल जांच कराई गई थी. मेडिकल जांच के दौरान काफी देर तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला. इसके बाद ED की टीम दोनों को अपने साथ रांची ले गई. रांची में दोनों से मामले को लेकर गंभीरता से पूछताछ की गई. पूछताछ पूरी होने के बाद गुरुवार दोपहर दोनों को ED की विशेष अदालत में पेश किया गया.
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पेशी के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. बबलू जायसवाल और राज जायसवाल की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने दोनों को जेल भेजने का विरोध किया. बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में उनके स्वास्थ्य का भी हवाला दिया और न्यायिक हिरासत में भेजने का विरोध किया.
वहीं, ED ने अदालत को जांच के दौरान सामने आए तथ्यों की जानकारी दी. ED के अनुसार, बबलू जायसवाल और राज जायसवाल पर कागजी कंपनियों के साथ कारोबार दिखाकर करीब 55 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत तरीके से लाभ लेने का आरोप है. जांच एजेंसी ने अदालत के सामने घोटाले में दोनों की कथित भूमिका और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों को भी रखा.
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष अदालत ने बबलू जायसवाल और राज जायसवाल को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया. पेशी के दौरान दोनों की ओर से जेल जाने से बचने के लिए अदालत में दलीलें दी गईं, लेकिन अदालत के आदेश के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया.
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