Ranchi News : जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच अब अभ्यर्थियों से लेकर परीक्षा एजेंसी, कोचिंग नेटवर्क और कथित बिचौलियों तक पहुंचती दिख रही है. CID की जांच और कोर्ट में रखे गए तथ्यों के अनुसार, JSSC-CGL मामले में 500 से अधिक सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है.
जांच में ICN से जुड़े सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार की गिरफ्तारी और पूछताछ का भी उल्लेख सामने आया है. आरोप है कि परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को बोकारो और गिरिडीह ले जाया गया, जहां कथित तौर पर प्रश्न और उत्तर याद कराने की व्यवस्था की गई. CID ने अदालत में मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और सह-आरोपियों के बयानों को जांच का आधार बताया है.
JPSC मामले में भी जांच की परतें खुलने का दावा किया जा रहा है. जांच में DSP और डिप्टी जेलर पद पर चयन के नाम पर लाखों रुपये लेने के आरोपों की पड़ताल की जा रही है. रिपोर्ट में आइजोल में 2.50 लाख रुपये के कथित लेन-देन का भी उल्लेख है.
वहीं एक अभ्यर्थी के इंटरव्यू अंक में 80 अंकों की कथित बढ़ोतरी किए जाने और इसके बदले पैसे के लेन-देन के आरोप की भी जांच की जा रही है. जांच एजेंसी कथित नेटवर्क में कोचिंग संस्थानों, परीक्षा एजेंसी के कर्मचारियों, बिचौलियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक, 24 अभ्यर्थियों से जुड़े कथित सेटिंग नेटवर्क के लिए 50 हजार रुपये प्रतिमाह किराये के मकान के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है. (झारखंड की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें....)
इसे भी पढ़ें
इधर JPSC की कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और समयबद्ध CBI जांच की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. अदालत ने केंद्र, झारखंड सरकार, JPSC समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है. मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होने की जानकारी सामने आई है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

