Ranchi News: JPSC-JSSC सुधार मंच ने परीक्षाओं में सुधार की मांगों को लेकर झारखंड सरकार को 18 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया है. मंच ने कहा है कि निर्धारित समय-सीमा तक सुधार संबंधी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी ‘छात्र महापंचायत’ बुलाई जाएगी. इसी महापंचायत के माध्यम से झारखंड के युवाओं के हक और अधिकार के लिए आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी.
मंच के प्रवक्ता कुणाल प्रताप ने कहा कि सरकार को परीक्षाओं में सुधार से संबंधित जायज मांगों को तय समय-सीमा में पूरा करना चाहिए. उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में छात्र महापंचायत के जरिए आगे की रणनीति तय की जाएगी.
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मंच के प्रवक्ता रवींद्र पासवान ने कहा कि JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के नेतृत्व में झारखंड के हजारों-लाखों छात्र-छात्राओं ने परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में खामियों के खिलाफ आंदोलन किया है. उन्होंने कहा कि युवाओं की यह लड़ाई उनके भविष्य को सुरक्षित करने और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए है.
प्रवक्ता पीयूष कुमार ने कहा कि झारखंड के लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर है. 26 दिनों के आंदोलन के बाद छात्रों ने इस उम्मीद के साथ आंदोलन स्थगित किया था कि दो महीने के भीतर परीक्षा व्यवस्था में सुधार से संबंधित सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे. लेकिन वर्तमान स्थिति में सरकार का रवैया सुधार को लेकर उदासीन नजर आ रहा है. उन्होंने कहा कि छात्र सरकार से जल्द नियुक्तियों के अवसर मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
उन्होंने कहा कि छात्र लंबे समय से JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं. 18 अक्टूबर तक ठोस कदम नहीं उठाए गए तो छात्र महापंचायत के जरिए पूरे राज्य के छात्र एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करेंगे.
मंच ने सरकार से अपील की है कि वह झारखंड के युवाओं के सब्र का इम्तिहान न ले और समय रहते परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए.
सुधार मंच की प्रमुख मांगें
1. आउटसोर्सिंग एजेंसी समाप्त हो: JPSC और JSSC की परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया दोनों आयोगों द्वारा ही कराई जाए. इसके लिए आयोगों को भौतिक, आर्थिक और तकनीकी रूप से मजबूत किया जाए.
2. कटऑफ और स्कोर कार्ड जारी हो: परीक्षा के प्रत्येक चरण के परिणाम के साथ कटऑफ अंक जारी किए जाएं. अंतिम परिणाम के साथ मूल अंक और नॉर्मलाइज्ड अंक सहित स्कोर कार्ड दिया जाए. नॉर्मलाइजेशन होने पर उसकी प्रक्रिया और फॉर्मूला सार्वजनिक किया जाए. JPSC प्रारंभिक परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की OMR और मुख्य परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों की कॉपियां तय समय-सीमा में ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएं.
3. ‘उत्तर नहीं देना चाहता’ विकल्प: प्रारंभिक और OMR आधारित परीक्षाओं में ‘E’ विकल्प के रूप में “उत्तर नहीं देना चाहता (Don't want to attempt)” का विकल्प दिया जाए. किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देने पर इस विकल्प को चुनना अनिवार्य हो.
4. JPSC मुख्य परीक्षा की मैनुअल जांच: JPSC की सभी मुख्य परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की मैनुअल जांच कराई जाए और जांची गई कॉपी अभ्यर्थी की OTR ID में डिजिटल रूप से अपलोड की जाए.
5. राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की नियुक्ति पर रोक: JPSC और JSSC में अध्यक्ष व सदस्य के पदों पर राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों या उनके संबंधियों की नियुक्ति नहीं की जाए. इन पदों पर गैर-राजनीतिक और बेदाग छवि वाले व्यक्तियों की नियुक्ति की जाए.
6. हेल्प डेस्क और सूचना व्यवस्था: अभ्यर्थियों के लिए तत्पर और संवेदनशील हेल्प डेस्क विकसित किया जाए. परीक्षा से जुड़े विवाद या परीक्षा प्रणाली में बदलाव की स्थिति में आयोग द्वारा प्रेस विज्ञप्ति या प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जानकारी दी जाए.
7. पारदर्शिता के लिए कानून और SOP: JPSC और JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कठोर एवं व्यापक कानून, नियम और SOP तैयार किए जाएं तथा SOP को सार्वजनिक किया जाए.
8. लंबित परीक्षाओं का कैलेंडर: रद्द किए जाने के प्रस्ताव वाली परीक्षाओं सहित सभी लंबित परीक्षाओं, जैसे JSSC आशुलिपिक, LDC, पुलिस, दरोगा आदि की अधिसूचना और परीक्षा कैलेंडर जल्द जारी किया जाए. निर्धारित समय-सीमा में पारदर्शी तरीके से परीक्षा प्रक्रिया पूरी करने की गारंटी दी जाए.
9. उम्र सीमा में छूट: JPSC में आयु की गणना के लिए वर्ष 2018 को कटऑफ आधार बनाया जाए और JSSC में अधिकतम उम्र सीमा 42 वर्ष निर्धारित की जाए.
10. पुलिस भर्ती दौड़ का समय: दरोगा और सिपाही परीक्षा में 1.6 किलोमीटर दौड़ के लिए पुरुष अभ्यर्थियों को 7 मिनट और महिला अभ्यर्थियों को 11 मिनट का समय दिया जाए.
11. उत्पाद सिपाही परीक्षा में मृतकों के परिजनों को सहायता: उत्पाद सिपाही परीक्षा के दौरान मृत छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाए.
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