Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

FCRA Amendment Bill JPC के पास भेजा जायेगा! मोदी सरकार कर रही विचार

FCRA (Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026) संसद में पेश करने से पूर्व  संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजे जाने पर मोदी सरकार विचार कर रही है. बता दें कि इस विवादित  बिल का विपक्षी पार्टियां भारी विरोध कर रही हैं.
Advertisement
Advertisement

New Delhi : FCRA (Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026) संसद में पेश करने से पूर्व  संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजे जाने पर मोदी सरकार विचार कर रही है. बता दें कि इस विवादित  बिल का विपक्षी पार्टियां भारी विरोध कर रही हैं. 

 

हालांकि आज पीएम मोदी से मुलाकात के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात की.जान लें कि श्री रिजिजू  इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के नेताओं से  लगातार बातचीत कर रहे हैं. लेकिन सरकार और विपक्ष के बीच FCRA को लेकर मतभेद बरकरार है. 

 
 
अहम बात यह है कि विपक्ष का कहना है कि बिल को JPC में भेजना पर्याप्त नहीं है,इसे पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए. हालांकि सोमवार को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की   बैठक में FCRA बिल और प्रस्तावित परिसीमन बिल दोनों का जिक्र नहीं किया गया था.   
 

 
NCP-SP की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने FCRA बिल के मौजूदा स्वरूप का विरोध करते हुए से बिल वापस लेने या इसे JPC के पास भेजने की मांग की थी. सुप्रिया सुले का कहना है कि  विदेशी फंडिंग को हमेशा संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए  
 

 
FCRA बिल को लेकर DMK सांसद पी विल्सन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल  गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बिल वापस लेने और मौजूदा कानून की धारा 15 को हटाने की मांग कर चुका है. DMK ने   FCRA की  समीक्षा के लिए बिल को JPC भेजने की मांग की है. FCRA बिल को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वाम दलों समेत कई विपक्षी पार्टियां भी विरोध जता चुकी हैं.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट में अपनी राय साझा करें.   

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही