Ranchi: शहरी निकाय चुनाव से पहले भाजपा नेताओं में हार की आशंका साफ झलक रही है. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सजग है.
सोनाल शांति ने शहरी निकाय चुनाव में केंद्रीय सुरक्षा बलों की नियुक्ति की मांग को हास्यास्पद और विवेकहीन करार दिया. उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्रीय गृह मंत्री झारखंड को नक्सल मुक्त बताकर केंद्रीय सुरक्षा बलों की संख्या कम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेतृत्व शहरी चुनाव में केंद्रीय बलों की मांग कर रहा है. यह भाजपा की दोहरी सोच को दर्शाता है.
उन्होंने सीसीटीवी के मुद्दे पर भी भाजपा की कथनी और करनी में अंतर बताया. सोनाल शांति ने कहा कि जब देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सीसीटीवी के जरिए महिलाओं की निजता पर सवाल उठने की बात कहते हैं और भाजपा के केंद्रीय नेता इसका समर्थन करते हैं, तब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष द्वारा सीसीटीवी लगाने की मांग विरोधाभासी है.
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा नेताओं ने जितनी सक्रियता चुनाव आयोग के कार्यालय के चक्कर लगाने में दिखाई, उतनी जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं जानने में नहीं दिखाई. वर्ष 2014 से 2019 तक नगर निकायों में मेयर, डिप्टी मेयर, पार्षद, नगर विकास मंत्री और मुख्यमंत्री भाजपा के रहे, इसके बावजूद शहरों का अपेक्षित विकास नहीं हो सका.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा खुलेआम चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की उपस्थिति में पाकुड़ नगर परिषद अध्यक्ष पद की प्रत्याशी के समर्थन में भाजपा चुनाव चिन्ह का उपयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है. सोनाल शांति ने कहा कि लोकतंत्र का मखौल उड़ाने वालों से आचार संहिता के पालन की अपेक्षा नहीं की जा सकती.
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