New Delhi/Ranchi : पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने आज नई दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से शिष्टाचार मुलाकात की. इस अवसर पर दोनों नेताओं ने उन्हें बड़कागांव की उपजे शत-प्रतिशत शुद्ध गुड़ और अलसी (तीसी) भेंट की. उन्होंने बताया कि यह उपहार क्षेत्र के मेहनतकश किसानों के पसीने, उनकी आजीविका और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है.
मुलाकात के दौरान झारखंड में विस्थापितों को न्याय दिलाने के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई. विशेष रूप से NTPC, अडाणी समूह, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) सहित बड़ी खनन कंपनियों द्वारा स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी, विस्थापन और मुआवजे से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया.
दोनों नेताओं ने मांग की कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (RFCTLARR Act 2013) का पूर्ण और अनिवार्य अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. उनका कहना था कि कई स्थानों पर इस कानून की अनदेखी की जा रही है.
इसपर राहुल गांधी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक कानून कांग्रेस सरकार की देन है और पार्टी विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
बैठक के दौरान ‘जन सुनवाई’ या ‘जन सभा’ के आयोजन का भी प्रस्ताव रखा गया, ताकि प्रभावित परिवारों की बात सीधे सुनी जा सके. राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखेंगे और आवश्यकता पड़ने पर झारखंड का दौरा भी करेंगे.अंत में दोनों नेताओं ने कहा कि न्याय और अधिकार की यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक हर विस्थापित परिवार को उसका सम्मानजनक हक नहीं मिल जाता.
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