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CUJ में फिल्ममेकिंग वर्कशॉप का आगाज, छात्रों ने सीखी डिजिटल तकनीकें

सीयूजे के जनसंचार विभाग द्वारा डिजिटल फिल्म निर्माण: ड्रोन एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का आज शुभारंभ हुआ
 

Ranchi : सीयूजे के जनसंचार विभाग द्वारा डिजिटल फिल्म निर्माण: ड्रोन एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का आज शुभारंभ हुआ. कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराते हुए उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है.

 

उद्घाटन सत्र में देश के प्रतिष्ठित मीडिया विशेषज्ञों ने भाग लिया और डिजिटल मीडिया व फिल्म निर्माण के बदलते स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की. मीडिया विशेषज्ञ सजल मुखर्जी ने कहा कि वर्तमान समय में ड्रोन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने फिल्म निर्माण को न केवल सरल बनाया है, बल्कि उसे अधिक रचनात्मक और प्रभावशाली भी बनाया है.

 

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इस अवसर पर नवीन गौतम, मुदिता राज और अंकित कुमार ने भी अपने विचार साझा किए. उन्होंने बताया कि डिजिटल टूल्स और एआई आधारित तकनीकें मीडिया उद्योग में नए अवसरों के द्वार खोल रही हैं. साथ ही, उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण की बारीकियों से अवगत कराया.

 

कार्यशाला का समन्वयन डॉ. रश्मि वर्मा द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है, ताकि वे मीडिया उद्योग की वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें.

 

कार्यशाला के पहले दिन प्रतिभागियों को कैमरा एंगल, फ्रेमिंग, स्टोरी लेखन, स्टोरीबोर्ड निर्माण और एआई आधारित वीडियो संपादन की विस्तृत जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने बताया कि प्रभावी वीडियो निर्माण के लिए सशक्त कहानी और सही कैमरा तकनीक का होना बेहद आवश्यक है. साथ ही, एआई टूल्स के जरिए वीडियो एडिटिंग को तेज और पेशेवर बनाने के तरीकों का प्रदर्शन भी किया गया.

 

प्रायोगिक सत्रों में प्रतिभागियों को यह समझाया गया कि डिजिटल फिल्म निर्माण केवल तकनीक का उपयोग नहीं, बल्कि रचनात्मकता, दृष्टिकोण और प्रस्तुति का समन्वय है. विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए सत्र को संवादात्मक बनाया.कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. पूरे दिन कार्यशाला में उत्साह और सीखने का माहौल बना रहा.

 

कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों को ड्रोन के माध्यम से एरियल शूटिंग, उन्नत फिल्मांकन तकनीक, प्रायोगिक फिल्म निर्माण और स्क्रीनिंग की प्रक्रिया से अवगत कराया जाएगा. यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही है, जहां वे डिजिटल मीडिया के नवीनतम ट्रेंड्स को करीब से समझ रहे हैं

 

 

 

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