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कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना की गड़बड़ी पर सदन में मंत्री इरफान ने दिया अटपटा जवाब

  • विधायक ने कहा बीमा के बाद भी आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहे राज्य सरकार के कर्मचारी
  • लगातार न्यूज ने पूरे मामले को प्रथामिकता के साथ 13 मार्च को किया था प्रकाशित

Ranchi: राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना में व्याप्त खामियों और अनियमितताओं का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा. सिंदरी विधायक चन्द्रेश्वर महतो ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से सरकार को घेरते हुए कहा कि योजना का लाभ कर्मचारियों तक सही रूप में नहीं पहुंच रहा है. राज्य सरकार के कर्मचारी भी स्वास्थ्य बीमा योजना के पूर्व की व्यवस्था बहल करने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार के साथ शुरू की गई, इस योजना का वास्तविक फायदा जमीनी स्तर पर नहीं मिल रहा.


विधायक ने सदन में उदाहरण देते हुए बताया कि बीमा होने के बावजूद कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू की गई योजना में कई खामियां हैं, जिससे कर्मचारियों को इलाज के दौरान आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.

लगातार न्यूज ने बीमा कंपनी का झारखंड के सरकारी कर्मचारियों के दुर्घटना, गॉल ब्लाडर स्टोन के ऑपरेशन का क्लेम देने से इंकार शीर्षक से इस खबर को प्रमुखता से छापा था. 


उन्होंने एक मामले का जिक्र करते हुए बताया कि खूंटी के कनीय अभियंता ज्ञानदेव साहू ने अपने पिता के इलाज के लिए 6.98 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन बीमा कंपनी ने मात्र 1.42 लाख रुपये ही स्वीकृत किए और शेष राशि परिवार को खुद वहन करनी पड़ी. विधायक ने कहा कि राज्यभर में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां इलाज से पहले कैशलेस सुविधा नहीं मिलती और बाद में क्लेम राशि में भारी कटौती की जाती है. गंभीर बीमारियों में भी पर्याप्त कवरेज नहीं दिया जा रहा.

 

 


इसपर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने स्वीकार किया कि योजना में कुछ कमियां थीं, जिन्हें दूर किया जा रहा है. हालांकि कैशलेस इलाज के उदाहरण सामने रखने पर मंत्री ने कहा कि मामले की जांच कर संबंधित भुगतान कराया जाएगा.

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