Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण से संबंधित मामले में गंभीरता दिखाई है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले में पर्यटन सचिव एवं रामगढ़ डीसी को बुधवार को कोर्ट में हाजिर रहने का निर्देश दिया है. इससे संबंधित अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने वर्ष 2023 में एक जनहित याचिका में मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के संदर्भ में आदेश पारित किए थे.
मां छिन्नमस्तिका मंदिर के निकट स्थित भैरवी नदी तट पर सुरक्षा के अभाव में कई लोगों की मौत हो रही है. ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन जरूरी है ताकि वहां सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके. बता दे कि प्रार्थी ने अवमानना याचिका दाखिल कर झारखंड हाईकोर्ट द्वारा एक जनहित याचिका में 11.08.2023 पारित आदेश का अनुपालन कराने का आग्रह किया है.
पारित आदेश में हाईकोर्ट ने झारखंड राज्य, पर्यटन विभाग, झारखंड पर्यटन विकास निगम तथा रामगढ़ जिला प्रशासन को दस अनिवार्य निर्देश जारी किए थे. इन निर्देशों में मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, स्थायी स्नान घाटों का निर्माण, वस्त्र बदलने के कक्ष, शौचालयों की व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सीय सुविधाएं सुनिश्चित करना, अतिक्रमण हटाना, नदी का चौड़ीकरण आदि शामिल हैं.
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