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वित्त मंत्री ने VC दिनेश सिंह पर कार्रवाई को लिखा तो उच्च शिक्षा विभाग ने समिति बना दी

Ranchi News: VC दिनेश सिंह के खिलाफ लगे वित्तीय आरोपों के मद्देनजर राज्यपाल ने स्पेशल ऑडिट कराने का आदेश दिया था. इसके आलोक में वित्त विभाग ने स्पेशल ऑडिट कराया. करीब तीन महीने तक ऑडिट करने के बाद जुलाई 2026 में स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट राज्यपाल सचिवालय को सौंपी गयी. इसमें कुलपति पर वित्तीय गड़बड़ी और नियम विरूद्ध काम करने यहां तक कि राज्यपाल के आदेश का उल्लंघन करने का उल्लेख किया गया है.
 
फाइल फोटो

Ranchi News: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) के कुलपति दिनेश सिंह पर कार्रवाई करने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा. लेकिन विभाग ने VC के खिलाफ कार्रवाई करने के बदले एक जांच समिति बना दी. जबकि राज्यपाल के आदेश पर हुए स्पेशल ऑडिट में VC के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर मामले पाये गये हैं.


VC दिनेश सिंह के खिलाफ लगे वित्तीय आरोपों के मद्देनजर राज्यपाल ने स्पेशल ऑडिट कराने का आदेश दिया था. इसके आलोक में वित्त विभाग ने स्पेशल ऑडिट कराया. करीब तीन महीने तक ऑडिट करने के बाद जुलाई 2026 में स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट राज्यपाल सचिवालय को सौंपी गयी. इसमें कुलपति पर वित्तीय गड़बड़ी और नियम विरूद्ध काम करने यहां तक कि राज्यपाल के आदेश का उल्लंघन करने का उल्लेख किया गया है.

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इस स्पेशल रिपोर्ट पर कार्रवाई होने में देर होने की वजह से वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पांच अगस्त 2026 को उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा. इसमें उन्होंने स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में पायी गयी गड़बड़ी के मद्देनजर कुलपति के खिलाफ कार्रवाई करने को लिखा. क्योंकि नये विश्वविद्यालय अधिनियम में कुलपति के खिलाफ कार्रवाई से पहले सरकार की अनुमति की बाध्यता है. 


लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में वर्णित तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने के बदले एक राज कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में जांच समिति बना दी. जांच समिति के गठन से संबंधित आदेश 19 अगस्त 2026 को उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा के दस्तखत से जारी किया गया. इस जांच समिति में संयुक्त निदेशक रंजीत कुमार सिंह, उच्च शिक्षा निदेशालय के वित्त पदाधिकारी और अंकेक्षण पदाधिकारी और उच्च शिक्षा के प्रशाखा पदाधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया. 


जांच समिति में इनके अलावा उपायुक्त पलामू द्वारा नामित एक प्रतिनिधि को भी सदस्य के रूप में शामिल किया. इसके लिए 25 अगस्त को उपायुक्त पलामू को एक पत्र लिखा गया. इसमें उनसे यह अनुरोध किया गया कि वह अपने किसी प्रतिनिधि को जांच समिति के सदस्य के रूप में नामित करें. हालांकि अब तक उपायुक्त के स्तर से किसी को जांच समिति में शामिल होने के लिए नामित नहीं किया गया है. हालांकि ऑडिट रिपोर्ट में पायी गयी गड़बड़ी के मद्देनजर राज्यपाल ने कुलपति की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां जब्त कर ली है.

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