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किडनी-लिवर ट्रांसप्लांट पर 7 लाख तक सहायता राशि, झारखंड पुलिस ने संशोधित की सूची

Ranchi : किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट के लिए एक लाख से सात लाख रुपये तक की आर्थिक मदद का प्रावधान है. किडनी फेल होने पर डायलिसिस के लिए 50 हजार से दो लाख रुपये तक और किडनी की पथरी की सर्जरी के लिए 20 हजार से 50 हजार रुपये तक सहायता निर्धारित की गई है. पित्त की थैली और अग्न्याशय की सर्जरी के लिए भी 20 हजार से 50 हजार रुपये तक की राशि तय की गई है.
 
पुलिस मुख्यालय
  • झारखंड पुलिस ने संशोधित की सूची

Ranchi : झारखंड में पुलिसकर्मियों और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पुलिस कल्याण कोष से आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसके लिए अलग-अलग बीमारियों और चिकित्सा प्रक्रियाओं के अनुसार सहायता राशि निर्धारित की गई है. नई व्यवस्था में कैंसर, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट, हृदय रोग, ब्रेन सर्जरी सहित कई गंभीर बीमारियों के इलाज को शामिल किया गया है. 

 

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समीक्षा के बाद सूची में किया गया संशोधन

पुलिस कल्याण समिति ने सितंबर में पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष और चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कल्याण कोष से मिलने वाली सहायता राशि की समीक्षा की थी. इसके बाद 14 अक्टूबर को इस संबंध में पत्र जारी किया गया. संशोधित सूची में पुलिसकर्मियों और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान आर्थिक सहयोग देने की व्यवस्था की गई है. सहायता की वास्तविक राशि संबंधित बीमारी और निर्धारित न्यूनतम-अधिकतम सीमा के अनुसार तय होगी.

 

किडनी-लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 7 लाख रुपये तक मिलेगी सहायता

निर्धारित सहायता राशि के अनुसार, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट के लिए एक लाख से सात लाख रुपये तक की आर्थिक मदद का प्रावधान है. किडनी फेल होने पर डायलिसिस के लिए 50 हजार से दो लाख रुपये तक और किडनी की पथरी की सर्जरी के लिए 20 हजार से 50 हजार रुपये तक सहायता निर्धारित की गई है. पित्त की थैली और अग्न्याशय की सर्जरी के लिए भी 20 हजार से 50 हजार रुपये तक की राशि तय की गई है.

 

कैंसर और हृदय रोग के इलाज में भी सहायता

कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी कराने पर दो लाख से पांच लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है. जरूरी अंगों की सर्जरी के लिए दो लाख से चार लाख रुपये तक और सामान्य अंगों की सर्जरी के लिए 50 हजार से एक लाख रुपये तक की मदद निर्धारित की गई है.

 

हृदय रोग से संबंधित इलाज में हार्ट या वाल्व सर्जरी और एंजियोप्लास्टी के लिए दो लाख से तीन लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है. पेसमेकर लगाने के लिए 60 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक और हार्ट अटैक के इलाज के लिए 50 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है.

 

ब्रेन सर्जरी, लकवा और आंखों के इलाज का भी प्रावधान

मस्तिष्क में ट्यूमर या गांठ की सर्जरी के लिए 50 हजार से एक लाख रुपये तक की सहायता तय की गई है. दुर्घटना के कारण ब्रेन सर्जरी कराने पर 20 हजार से दो लाख रुपये तक और लकवा व मस्तिष्क की नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 50 हजार से दो लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान है.

 

आंखों की गंभीर बीमारियों में रेटिना की सर्जरी, कॉर्निया प्रत्यारोपण और ग्लूकोमा के इलाज के लिए 40 हजार से एक लाख रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है. सामान्य मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए 35 हजार से 50 हजार रुपये और जटिल मोतियाबिंद के इलाज के लिए 50 हजार से एक लाख रुपये तक की राशि तय की गई है.

 

हड्डियों के फ्रैक्चर और लंबे इलाज में मिलेगी मदद

हड्डी टूटने पर इलाज के लिए 10 हजार से 40 हजार रुपये तक की सहायता दी जा सकती है. गंभीर फ्रैक्चर में सर्जरी के लिए 10 हजार से 50 हजार रुपये तक, जबकि हड्डी में रॉड या प्लेट लगाने पर एक अंग के लिए 30 हजार से 50 हजार रुपये और एक से अधिक अंगों के लिए 60 हजार से एक लाख रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है.

 

मस्तिष्क मलेरिया, हेपेटाइटिस-बी व सी, पोलियो और मेनिनजाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 20 हजार से एक लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है. शरीर का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा जलने पर 50 हजार से एक लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है.

 

गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने और इलाज पर अधिक खर्च होने की स्थिति में एक लाख से तीन लाख रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है. एड्स के इलाज के लिए 30 हजार से 50 हजार रुपये तक की राशि तय की गई है.

 

महिलाओं की बीमारियों और प्रसव के लिए भी सहायता

महिलाओं से संबंधित बीमारियों को भी सहायता सूची में शामिल किया गया है. गर्भाशय निकालने की सर्जरी और स्तन से जुड़ी कुछ बीमारियों के इलाज के लिए 20 हजार से 50 हजार रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है.

 

जटिल स्थिति में सिजेरियन प्रसव के लिए 30 हजार से 75 हजार रुपये तक और बांझपन के इलाज के लिए आईवीएफ प्रक्रिया पर दो लाख से तीन लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान है. इसके अलावा गले और कान की सर्जरी के लिए 50 हजार से एक लाख रुपये तक की सहायता तय की गई है.

 

दांतों की सफाई और फिलिंग के लिए पांच हजार से 10 हजार रुपये, रूट कैनाल के लिए 10 हजार से 15 हजार रुपये और दांतों से जुड़ी अन्य बीमारियों के इलाज के लिए भी 10 हजार से 15 हजार रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है.

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