- टेंडर और भुगतान के बावजूद राशन दुकानों तक नहीं पहुंच रही दाल, ऑनलाइन पोर्टल पर भी वितरण का रिकॉर्ड गायब
Ranchi News : झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीब परिवारों को सस्ती दर पर दाल उपलब्ध कराने में खाद्य सुरक्षाव वितरण प्रणाली विभाग हांफता नजर आ रहा है. विभाग चालू वित्त वर्ष (26-27) में लाभुकों तक नियमित रूप से दाल पहुंचाने में हद तक नाकाम साबित हो रहा है. विभाग ने मुख्यमंत्री दाल वितरण योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, लेकिन इसके बावजूद राशन दुकानों में दाल की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पा रही है.
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राशन डीलरों के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में उन्हें केवल दो महीने की दाल ही मिली है, जबकि विभागीय स्तर पर तीन महीने की आपूर्ति के लिए टेंडर किए जाने की जानकारी सामने आई है.
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जनवरी से दिसंबर की अवधि में तीन महीने के लिए दाल की आपूर्ति का टेंडर किया गया था. इसके लिए संबंधित कंपनी को फरवरी में ही भुगतान भी कर दिया गया. इसके बावजूद दाल वितरण की स्थिति स्पष्ट नहीं है. सबसे गंभीर बात यह है कि आहार पोर्टल पर दाल वितरण से संबंधित रिकॉर्ड दर्ज नहीं है. ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था में भी वितरण का विवरण उपलब्ध नहीं होने से योजना की वास्तविक स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो रहा है. वितरण की स्थिति को लेक विभाग ने इस मामले में सभी जिलों से रिपोर्ट देने को कहा है.
हालांंकि, सरकार का दावा है कि राज्य में स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था लागू है. इसके तहत पॉस मशीन को इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन से जोड़कर राशन वितरण का विवरण पोर्टल पर दर्ज किया जाता है. हालांकि, दाल वितरण के मामले में यह व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आ रही है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब आपूर्ति के लिए टेंडर और भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो लाभुकों को नियमित रूप से दाल क्यों नहीं मिल रही है.
राजधानी रांची की विभिन्न राशन दुकानों पर भी आपूर्ति की कमी का असर दिख रहा है. सरकारी राशन पर निर्भर परिवारों का कहना है कि पिछले कई महीनों से दाल भी नदारद है. त्योहार के मौके पर उन्हें उम्मीद थी कि कम से कम दाल उपलब्ध करा दी जाएगी, लेकिन उनकी यह उम्मीद भी पूरी नहीं हुई.
करीब 60 लाख राशन कार्डधारक प्रभावित
झारखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 59,83,918 राशन कार्डधारी हैं. इनके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था है. इसके अलावा राज्य सरकार की मुख्यमंत्री दाल वितरण योजना और खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र ग्रीन कार्डधारकों को एक रुपये प्रति किलो की दर से प्रतिमाह एक किलो चना दाल देने का प्रावधान है. लेकिन आपूर्ति में अनियमितता के कारण लाभुक इस सुविधा से वंचित हो रहे हैं.
राशन दुकानदार दीपक गुप्ता का कहना है कि सरकार से सामग्री उपलब्ध नहीं होने पर डीलर, लाभुकों को कैसे वितरित करेंगे? साथ ही चीनी की आपूर्ति लंबे समय से बंद है और दाल भी नियमित रूप से नहीं मिल रही है. इस कारण लाभुक भी पेशानहाल दुकानदारों से बार-बार जानकारी मांगते हैं, लेकिन हमारे पास बताने के लिए कोई स्पष्ट जवाब नहीं होता.
वहीं, राशन कार्डधारक शिव कुमार ने कहा कि त्योहार के समय दाल नहीं मिलना दुखद है. सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गरीब परिवारों को अनाज, दाल, चीनी और कपड़े जैसी जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों.
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