Ranchi : स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग में सोमवार को नर्सिंग संस्थानों को मान्यता प्रदान करने को लेकर निष्पादन समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने की.
बैठक में डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, संयुक्त सचिव सीमा कुमारी उदयपुरी, उपसचिव ध्रुव प्रसाद सहित कई अधिकारी मौजूद थे. बैठक में राज्य के 61 नर्सिंग कॉलेजों द्वारा एनओसी के लिए दिए गए आवेदनों पर चर्चा की गई. अपर मुख्य सचिव ने काउंसिल की बैठक 15 दिनों के भीतर आयोजित करने का निर्देश दिया.
बैठक के दौरान कॉलेजों की जमीन, भवन और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई. अधिकारियों से पूछा गया कि कॉलेज अपनी जमीन पर चल रहे हैं या लीज पर, कितनी जमीन उपलब्ध है और भवन की स्थिति क्या है. ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की रसीद और शहरी क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स की भी जांच करने का निर्देश दिया गया.
अजय कुमार सिंह ने कहा कि जो कॉलेज लीज या किराये के भवन में चल रहे हैं, उन्हें अब तक अपना भवन बना लेना चाहिए था. ऐसे मामलों में लीज और किराये की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले कॉलेजों पर अधिकतम जुर्माना लगाया जाएगा. यदि कोई कॉलेज तीन साल से एडमिशन ले रहा है लेकिन नॉर्म्स का पालन नहीं कर रहा है तो ऐसे संस्थानों के निलंबन पर भी विचार किया जाएगा. ऐसे कॉलेजों को शो कॉज नोटिस जारी करने और फिलहाल एडमिशन रोकने का निर्देश दिया गया.
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी कॉलेज को एनओसी देने से पहले अनिवार्य रूप से निरीक्षण किया जाएगा. निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन, रजिस्ट्रार, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और एडिशनल कलेक्टर की उपस्थिति अनिवार्य होगी. निरीक्षण की सभी तस्वीरें ऑनलाइन अपलोड की जाएंगी.
नर्सिंग छात्रों के बेहतर प्रशिक्षण के लिए कॉलेजों को सरकारी या निजी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से जोड़ने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही कम से कम पांच सीएचसी में नर्सिंग की कक्षाएं शुरू करने की योजना भी बनाई गई है.
अजय कुमार सिंह ने कहा कि अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी. ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. सभी कॉलेजों को फैकल्टी की जानकारी ऑनलाइन दिखाने, बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने और सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया गया है. जो कॉलेज फिलहाल एनओसी के लिए योग्य नहीं हैं, उन्हें अपनी कमियां दूर करने के बाद दोबारा आवेदन करने को कहा गया है.
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