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अग्नि सेवा सप्ताह: महानिदेशक MS भाटिया ने आग से बचाव को लेकर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की

अग्नि सेवा सप्ताह के अवसर पर झारखंड गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा के महानिदेशक एम.एस. भाटिया ने स्कूलों, अस्पतालों और आम नागरिकों से आग से बचाव को लेकर सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि हर वर्ष आगजनी की घटनाओं से भारी जन-धन की हानि होती है, जिसे जागरूकता और उचित सुरक्षा उपाय अपनाकर काफी हद तक रोका जा सकता है.
 

Ranchi : अग्नि सेवा सप्ताह के अवसर पर झारखंड गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा के महानिदेशक एम.एस. भाटिया ने स्कूलों, अस्पतालों और आम नागरिकों से आग से बचाव को लेकर सतर्क रहने की अपील की है. उन्होंने कहा कि हर वर्ष आगजनी की घटनाओं से भारी जन-धन की हानि होती है, जिसे जागरूकता और उचित सुरक्षा उपाय अपनाकर काफी हद तक रोका जा सकता है.

 

उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक Safe School, Safe Hospital & Fire Safety Aware Society – Together for Fire Prevention थीम के तहत पूरे राज्य में अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित अस्पताल और जागरूक समाज के माध्यम से आग की घटनाओं को रोकना है.

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मॉक ड्रिल

 

अस्पतालों के लिए विशेष दिशा-निर्देश

महानिदेशक ने अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिया कि अग्निशमन वाहनों के पहुंचने के लिए भवन के सामने कम से कम 12 मीटर चौड़ी खुली जगह उपलब्ध हो. प्रत्येक फ्लोर पर अग्निशमन यंत्र लगाए जाएं और उनकी नियमित जांच की जाए. आपातकालीन निकास मार्ग बाधामुक्त रहें तथा स्मोक डिटेक्टर और अलार्म सिस्टम चालू हालत में रखा जाए.

 

उन्होंने कहा कि अस्पताल स्टाफ के लिए नियमित मॉक ड्रिल कराई जाए, बिजली के पैनल व भारी मशीनों का इलेक्ट्रिक ऑडिट कराया जाए और ऑक्सीजन सिलेंडर व ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए. गंभीर मरीजों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष योजना और स्ट्रेचर की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए.

 

स्कूलों में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा उपाय

स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में हर मंजिल पर पर्याप्त अग्निशमन यंत्र रखने, फायर अलार्म व स्मोक डिटेक्टर लगाने और आपातकालीन निकास मार्ग स्पष्ट रखने पर जोर दिया गया. साल में कम से कम दो बार फायर ड्रिल कराने, स्वचालित स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने और विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच कराने को भी आवश्यक बताया गया.

 

इसके अलावा प्रयोगशालाओं में ज्वलनशील पदार्थों का सुरक्षित भंडारण, तड़ित चालक की स्थापना और अग्निशमन वाहनों के लिए चौड़ी सड़क की उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपील की गई.

 

बिजली से आगजनी रोकने के लिए सावधानियां

महानिदेशक ने आम लोगों से आईएसआई प्रमाणित उपकरणों का उपयोग करने, एक सॉकेट में एक ही उपकरण लगाने, खराब वायरिंग को तुरंत बदलने और घर से बाहर जाते समय मेन स्विच बंद करने की सलाह दी. उन्होंने अस्थायी वायरिंग, खुले तार, घटिया उपकरण और एक प्लग से कई कनेक्शन लेने से बचने को कहा.

 

आम नागरिकों से अपील

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आग लगने पर तुरंत नजदीकी अग्निशमन केंद्र को सूचना दें. अग्निशमन वाहनों को रास्ता दें और जलती बीड़ी-सिगरेट या गर्म राख को खुले में न फेंकें. बच्चों को माचिस से खेलने से रोकें तथा गैस रिसाव होने पर तुरंत रेगुलेटर बंद कर खिड़की-दरवाजे खोल दें.

 

भाटिया ने कहा कि असावधानी ही अग्निकांड को जन्म देती है. सतर्क रहकर हम आग की घटनाओं को कम कर सकते हैं. आग की रोकथाम केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक दायित्व है. अंत में उन्होंने सभी से अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने और जागरूकता अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की.

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