Search

 
 
 

RU के ILS को न्याय बंधु कार्यक्रम के लिए 1 लाख की पहली किस्त स्वीकृत

Ranchi News :इस उपलब्धि पर रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने ILS की पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता और समाज के व्यापक हित में कार्य करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
 
रांची विश्वविद्यालय

Ranchi News : रांची विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (ILS) को भारत सरकार के विधि व न्याय मंत्रालय के DISHA 2.0 (Designing Innovative Solutions for Holistic Access to Justice in India) योजना के तहत संचालित न्याय बंधु कार्यक्रम के लिए 1 लाख रूपये की प्रथम किस्त स्वीकृत की गई है. इस संबंध में स्वीकृति आदेश 10 सितंबर 2026 को जारी किया गया है.

 

इस उपलब्धि पर रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने ILS की पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता और समाज के व्यापक हित में कार्य करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

 

व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की निदेशक डॉ. स्मृति सिंह ने भी ILS के निदेशक और सभी शिक्षकों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति ILS की सक्रियता, प्रतिबद्धता और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक कार्यों को प्रोत्साहित करने वाली उपलब्धि है. उन्होंने विश्वास जताया कि न्याय बंधु कार्यक्रम के माध्यम से विधि शिक्षा को समाज की न्याय संबंधी आवश्यकताओं से जोड़ने में संस्थान प्रभावी भूमिका निभाएगा.

 

स्वीकृति आदेश में 1 लाख रूपये की राशि को ILS, रांची विश्वविद्यालय के लिए Nyaya Bandhu कार्यक्रम के तहत प्रथम रिलीज के रूप में दर्ज किया गया है.कार्यक्रम के तहत गठित Pro-Bono Club के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक कानूनी सहायता तथा न्याय तक पहुंच से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर मिलेगा. 

 

इसके अलावा विद्यार्थियों में Pro-Bono Legal Services, Legal Aid, Access to Justice और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता व व्यावहारिक समझ विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी.

 

संस्थान द्वारा Pro-Bono Club की गतिविधियों का संचालन Department of Justice द्वारा निर्धारित Standard Operating Procedure (SOP) के अनुरूप किया जाएगा. क्लब की प्रत्येक माह की गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट Monthly Progress Report (MPR) के रूप में अगले माह की 5 तारीख तक प्रस्तुत की जाएगी.

 

ILS, रांची विश्वविद्यालय के लिए यह उपलब्धि विधि शिक्षा को सामाजिक न्याय और जरूरतमंद लोगों तक न्याय की पहुंच से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें समाज के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी विधि पेशेवर के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है. 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही