Saraikela: सरायकेला की विश्वविख्यात छऊ कला के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के विकास को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने झारखंड के कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने विभागीय सचिव मुकेश कुमार और कला संस्कृति निदेशक आशिक अकरम से भी भेंट कर कलाकारों की समस्याओं और सांस्कृतिक विकास से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया.
नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला की छऊ कला केवल सांस्कृतिक परंपरा नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की पहचान है. उन्होंने कहा कि वर्षों से देश-विदेश में सम्मान पाने वाली इस कला के संरक्षण और संवर्धन के लिए ठोस पहल की आवश्यकता है.
मुलाकात के दौरान उन्होंने राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के पुनर्जीवन, नियमित संचालन, प्रशिक्षकों की नियुक्ति, कलाकारों के लिए पेंशन और प्रोत्साहन राशि, बहुउद्देशीय कला भवन निर्माण तथा युवाओं को छऊ कला से जोड़ने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की मांग रखी.
इसके अलावा नगर पंचायत अध्यक्ष ने सरायकेला नगर क्षेत्र के विकास के लिए विशेष फंड उपलब्ध कराने की मांग भी की. उन्होंने कहा कि पेयजल, सड़क, नाली, बिजली और शहरी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता जरूरी है. उन्होंने सरायकेला के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों — श्री जगन्नाथ मंदिर, कुदरसाईं मंदिर और मिर्गी चिंगड़ा को पर्यटन मानचित्र में शामिल कर उनके संरक्षण और सौंदर्यीकरण की भी मांग उठाई.
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सरायकेला की छऊ कला को राज्य की अमूल्य धरोहर बताते हुए आवश्यक सहयोग और सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया. इस मुलाकात के बाद कलाकारों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है और लोगों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में सरायकेला की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी.
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