Ranchi News: झारखंड में फूड सेफ्टी अपीलेट ट्रिब्यूनल बनाने से संबंधित रंजन कुमार की याचिका की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आनंद सेन की कोर्ट के समक्ष हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से इससे संबंधित अधिसूचना प्रस्तुत की गई. जिसके तहत राज्य के जिन जिलों में पीठासीन अधिकारी (Presiding Officer) की अनुपस्थिति के कारण खाद्य सुरक्षा ट्रिब्यूनल निष्क्रिय पड़े हुए थे, वे अब पूरी तरह से क्रियाशील हो गए हैं.
अधिसूचना के माध्यम से कोर्ट को बताया गया कि आज की तिथि में झारखंड के सभी जिलों में पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति के साथ ट्रिब्यूनल पूरी तरह से काम कर रहे हैं.
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आज मामले की सुनवाई के दौरान पेश की गई रिपोर्ट में बताया गया कि दुमका जिले में भी खाद्य सुरक्षा ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी का पद भर दिया गया है. आगामी व्यवस्था के तहत 21 अगस्त 2026 को दुमका के जिला जज को ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिजीत आनंद ने पक्ष रखा.
RG से पूछा था, झारखंड में फूड सेफ्टी अपीलेट ट्रिब्यूनल फंक्शनल है या नहीं
दरअसल पिछली सुनवाई में कोर्ट ने जनरल (RG) को मौखिक रूप से बताने को कहा था कि झारखंड में फूड सेफ्टी अपीलेट ट्रिब्यूनल कार्य कर रहा (फंक्शनल) है या नहीं. इसके लिए पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति हुई है कि नहीं.
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