- भारतीय सड़क के रास्ते आर्मेनिया और अजरबैजान भागने की कोशिश कर रहे हैं.
- एजेंट उन्हें बता रहे हैं आर्मेनिया, अजरबैजान जाना बहुत आसान है. इसे डंकी रूट कहा जाता है.
- विदेश मंत्रालय ने ऐसे लोगों को चेतावनी जारी कर कहा है भारतीय ऐसा कतई न करें,
New Delhi : अमेरिका-ईरान-इजरायल में जारी जंग के बीच कुछ भारतीय ट्रैवल एजेंटों की मदद से बॉर्डर क्रॉस कर दूसरे देशों में पलायन करने की कोशिश कर रहे हैं.
विदेश मंत्रालय ने ऐसे लोगों को चेतावनी जारी कर कहा है कि वे ऐसा कतई न करें, क्योंकि यदि वे किसी ऐसे देश में फंस गये. जिनसे भारत के रिश्ते ठीक नहीं है, तो उन्हें बचाना मुश्किल होगा.
वर्तमान समय में ईरान में लोग बरसती मिसाइलों और फाइटर जेट्स की आवाज से सहमे हुए है. ऐसे में ईरान में रह रहे कुछ भारतीय सड़क के रास्ते पड़ोसी देश आर्मेनिया और अजरबैजान भागने की कोशिश कर रहे हैं.
दरअसल ट्रैवल एजेंट उन्हें बता रहे हैं कि ईरान से सड़क के रास्ते आर्मेनिया या अजरबैजान जाना बहुत आसान है. वहां से वे आसानी से वे यूरोप जा पायेंगे. इसे डंकी रूट कहा जाता है. जान बचाने की नीयत से ईरान से बाहर निकलने के लिए भारतीय उनके चंगुल में फंस रहे हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय खुद सामने आया है. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जो भारतीय आर्मेनिया और अजरबैजान जाना चाह रहे हैं, उनसे अपील है कि वे ऐसा न करें. बता दें कि ईरान में भारतीय दूतावास ने भी इस संबंध में एडवाइजरी जारी की है.
दूतावास ने कहा है कि कोई भी भारतीय नागरिक बिना दूतावास से इजाजत लिये ईरान के जमीनी बॉर्डर की तरफ न जाये. दूतावास की सलाह लीजिए. दूतावास ने कहा है कि अगर कोई ईरान का बॉर्डर पार कर अजरबैजान या आर्मेनिया जैसे देश की सीमा में दाखिल होता है.
अगर वह देश आपको घुसने नहीं देता है, तो आप बीच में (नो-मैन्स लैंड में) फंस जायेंगे. ऐसे हालात में भारतीय दूतावास भी आपकी कोई मदद नहीं कर पायेगा. दूतावास ने भारतीयों से कहा है कि अगर ईरान में कोई परेशानी है, तो सीधे दूतावास को फोन करें. दूतावास ने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जारी किये हैं.
जान लें कि अजरबैजान, पाकिस्तान और तुर्की पक्के दोस्त हैं. तीनों देश भारत विरोधी हैं. अजरबैजान- तुर्की हमेशा पाकिस्तान का साथ देते हैं अजरबैजान का पड़ोसी देश आर्मेनिया के साथ युद्ध चल रहा है.
भारत आर्मेनिया का समर्थक करता है. ऐसे में अगर कोई भारतीय नागरिक सड़क के रास्ते, जंगलों या पहाड़ों से होते हुए अजरबैजान बॉर्डर पर पहुंच जाये, तो वह गिरफ्तार किया जा सकता है.
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