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विदेशी ताकतों का भारत को तोड़ने का षडयंत्र, ऑस्ट्रियाई अर्थशास्त्री ने पोस्ट किया, भारत को टुकड़ों में बांटो

New Delhi :   विदेशी ताकतें कई सालों से भारत को तोड़ने का षडयंत्र रच रही हैं. इसका खुलासा सोशल मीडिया मंच एक्स पर किये गये एक पोस्ट से हुआ है. पहले तो गुपचुप तरीके से साजिशें रची जाती थी, लेकिन भारत विरोधी लोग खुल कर सामने आ गये हैं.

 

 

बता दें कि ऑस्ट्रिया के अर्थशास्त्री कहे जाने वाल स्वघोषित नाटो (NATO) विस्तार समिति  के अध्यक्ष गुनथर फेलिंगर-जाह्न ने भारत को टुकडों में बांट देने की बात कही है.    गुनथर ने एक्स पर पोस्ट किये एक बयान में भारत को तोड़ने की बात कहते हुए एक नक्शा (एक्स-इंडिया) साझा किया है.

 

 नक्शा में भारत के कई हिस्सों को पाकिस्तान, बांग्लादेश और कथित खालिस्तान के हिस्से के रूप में  दिखाया  है. गुनथर ने लिखा है कि मैं भारत को तोड़ने की अपील करता हूं. नरेंद्र मोदी रूस के आदमी हैं. हमें खालिस्तान के लिए स्वतंत्रता का समर्थन करने वालों की जरूरत है. इस बयान का भारत में काफी विरोध हो रहा है. सभी लोग इसे भारत की संप्रभुता पर खतरा मान रहे हैं.  

 


इसी बीच गुनथर का 2023 का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उस पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी को भारत का प्रधानमंत्री बनने का समर्थन किया था और पीएम मोदी को रूस-चीन का समर्थक करार दिया था. उन्होंने लिखा था कि मैं भारत को खत्म कर ExIndia’ बनाने का आह्वान करता हूं.

 

लिखा की नरेंद्र मोदी रूस के आदमी हैं. हमें खालिस्तान की स्वतंत्रता के लिए मित्रों की जरूरत है.खबर है कि  केंद्र सरकार द्वारा इस पर संज्ञान लेते हुए ऑस्ट्रियाई अर्थशास्त्री गुंथर फेहलिंगर याह्न का सोशल मीडिया अकाउंट भारत में ब्लॉक कर दिया गया है.

 

गृह मंत्रालय सहित इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक्स को निर्देश दिया है कि संबंधित अकाउंट भारत में ब्लॉक किया जाये. एक्स ने भारत में यह अकाउंट डिसेबल कर दिया है. जान लें  कि गुंथर फेहलिंगर याह्न वर्तमान में ऑस्ट्रियन कमेटी फॉर NATO मेंबरशिप ऑफ यूक्रेन, कोसोवो, बोस्निया और ऑस्ट्रिया के अध्यक्ष हैं.  


 
 राज्यसभा सांसद और शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे पागलपन करार दिया है कहा कि  MEAIndia को ऑस्ट्रियाई दूतावास के समक्ष यह मुद्दा उठाना चाहिए.

 

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