- घटना के एक दिन पहले राधेश्याम बड़ाईक के घर हुई थी बैठक
Ranchi News : पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड मामले में आरोपी नक्सली कुंदन पाहन के सहयोगी राधेश्याम बड़ाईक की जमानत अर्जी पर झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राधेश्याम बड़ाईक की जमानत याचिका खारिज कर दी.
रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में राधेश्याम बड़ाईक 9 साल से जेल में है. उसकी ओर से जेल में बिताई गई लंबी अवधि का हवाला देते हुए जमानत की गुहार लगाई गई थी. एनआईए की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास एवं अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा.
आरोप है कि रमेश सिंह मुंडा की हत्या के एक दिन पहले राधेश्याम बड़ाईक के घर में उक्त घटना को अंजाम देने के लिए बैठक हुई थी. राधेश्याम बड़ाईक नक्सली विचारधारा वाला बताया गया है. यहां बता दें कि मामले के मुख्य साजिशकर्ता राजा पीटर को हाईकोर्ट से पूर्व में ही जमानत मिल चुकी है. बता दें कि मामले में एनआईए ने 90 से अधिक गवाहों का बयान दर्ज कराया है.
9 जुलाई 2008 को पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा की हत्या बुंडू के स्कूल में एक कार्यक्रम के दौरान नक्सलियों ने गोली मारकर कर दी थी. मामले में पूर्व मंत्री गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर, नक्सली कुंदन पाहन, राधेश्याम बड़ाईक समेत करीब 15 आरोपी ट्रायल फेस कर रहे है. उक्त हत्याकांड को लेकर बुंडू थाना में कांड संख्या 65 /2008 दर्ज किया गया था.
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