Education News : नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी (NPU) के कुलपति दिनेश सिंह ने राज्यपाल के आदेश के खिलाफ परीक्षा नियंत्रक को समय से पहले पद से हटा दिया. इसके बाद अपने चहेते को परीक्षा नियंत्रक और विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD) के पद पर पदस्थापित कराया. साथ ही उनसे मनमाने ढंग से काम कराया. राज्यपाल के आदेश पर विश्वविद्यालय में कराये गये स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है.
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कुलपति दिनेश सिंह के खिलाफ मिली विभिन्न प्रकार की अनियमितताओं के मद्देनजर राज्यपाल ने स्पेशल ऑडिट करने का निर्देश दिया था. इस आदेश पर सरकार के वित्त विभाग ने अपने ऑडिट टीम से विशेष ऑडिट कराया. ऑडिट रिपोर्ट में विश्वविद्यालय में विभिन्न प्रकार की वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है.
ऑडिट रिपोर्ट में विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि राज्यपाल के आदेश से परीक्षा नियंत्रक बनाये गये डॉक्टर रविशंकर को कुलपति ने निर्धारित समय से पहले ही पद से हटा दिया. इसके बाद अपने चहेते डॉक्टर अजीत सेठ को परीक्षा नियंत्रक के पद पर नियुक्त कर दिया. इसके लिए राज्यपाल की अनुमति नहीं ली गयी.
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रिपोर्ट के मुताबिक राज्यपाल सचिवालय के आदेश पर डॉक्टर रविशंकर को परीक्षा नियंत्रक के पद पर नियुक्त किये जाने से संबंधित आदेश एक अक्टूबर 2024 को जारी किया गया था. उन्होंने चार अक्टूबर 2024 को परीक्षा नियंत्रक के पद पर योगदान दिया था. उन्हें एक साल यह इस पद नियमित नियुक्ति होने तक के लिए परीक्षा नियंत्रक बनाया गया था.
कुलपति दिनेश सिंह ने उन्हें 9 मई 2025 को परीक्षा नियंत्रक के पद से हटाते हुए जेएस कॉलेज (मेदनीनगर) के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अजीत सेठ को परीक्षा नियंत्रक के पद पर पदस्थापित कर दिया. डॉक्टर सेठ ने उसी दिन परीक्षा नियंत्रक के पद पर योगदान भी दे दिया. डॉक्टर सेठ को परीक्षा नियंत्रक के पद पर नियुक्त करने के लिए राज्यपाल की अनुमति नहीं ली गयी. अब तक इस नियुक्ति पर राज्यपाल से सहमति नहीं मिली है.
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ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉक्टर रविशंकर को परीक्षा नियंत्रक के पद से हटाने के मामले में कुलपति ने ऑडिट टीम को कोई कारण नहीं बताया. ऑडिट टीम ने National Consumers Federation of India Limited (NCCF) के खिलाफ डॉक्टर रविशंकर द्वारा दी गयी. रिपोर्ट में उन्हें परीक्षा नियंत्रक के पद से हटाये जाने के कारणों के रूप में चिह्नित किया है.
रिपोर्ट में कहा गया कि कुलपति दिनेश कुमार सिंह ने गौरव कुमार को परीक्षा नियंत्रक के विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD) के पद पर नियुक्त किया. विश्वविद्यालय ने यह पद सृजित नहीं है. गौरव कुमार को असृजित पद पर नियुक्ति करने के बाद कुलपति ने उनसे मनमाने ढंग से काम कराया.






