Kolkata : टीएमसी के संस्थापक सदस्य रहे पश्चिम बंगाल की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले मुकुल रॉय के निधन की खबर आयी है. लंबी बीमारी से जूझ रहे मुकुल रॉय का रविवार देर रात निधन हो गया.
"His dedicated efforts in social service will remain memorable": PM Modi mourns death of TMC leader Mukul Roy
— ANI Digital (@ani_digital) February 23, 2026
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1954 में उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा में जन्मे रॉय ने 1980 के दशक में राजनीति में कदम रखा था. उन्होंने युवा कांग्रेस में शामिल होकर अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की.
अहम बात यह है कि ममता बनर्जी ने जिस समय कांग्रेस से नाता तोड़ कर तृणमूल कांग्रेस(1998 में) का गठन किया, तो मुकुल रॉय उनके साथ आ गये. कहा जाता है कि बयानबाजी से दूर रहने वाले मुकुल रॉय मृदुभाषी थे.
ममता बनर्जी के साथ वफादारी निभाने हुए वे कुछ ही सालों में पार्टी के महासचिव बना दिये गये. मुकुल रॉय 2006 में राज्यसभा सांसद बन गये. 2009 में राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता चुने गये.
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दूसरे कार्यकाल में वे पोत परिवहन राज्य मंत्री बने. 2012 में रेल मंत्री बने.
पीएम मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुकुल रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया है ममता बनर्जी ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अपना दीर्घकालिक राजनीतिक सहयोगी और कई संघर्षों में सह-योद्धा करार दिया.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी ने मुकुल रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया है, उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया.
उन्होंने लिखा, मुकुल रॉय के निधन से बंगाल के राजनीतिक इतिहास के एक युग का अंत हो गया है. उनके अलावा कई अन्य नेताओं ने भी शोक जताया है.
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