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पहाड़ी मंदिर में चार लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

सावन की अंतिम सोमवारी पर ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा.
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Ranchi : सावन की अंतिम सोमवारी पर ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. बाबा भोलेनाथ के दर्शन व जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं. सोमवार को एक दिन में करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ और नागदेवता पर बेलपत्र, दूध, भांग व जल अर्पित कर पूजा-अर्चना की.

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सावन की शुरुआत 3 जुलाई से लेकर 4 अगस्त तक के बीच, करीब चार लाख श्रद्धालुओं ने पहाड़ी बाबा का दर्शन किया. इस दौरान पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने विशेष व्यवस्थाएं कीं. सोमवार को तड़के सुबह 3 बजे मंदिर का पट खोल दिया गया. 

 

सुबह 5 बजे सरकारी पूजा, फिर 7 व 8 बजे आरती संपन्न हुई. कुल मिलाकर पांच बार आरती का आयोजन हुआ. शिवलिंग पर जल चढ़ाने के साथ ही शहर के बूढ़ा महादेव अरगोड़ा मंदिर, सुरेश्वर महादेव धाम, और इक्कीसो धाम मंदिर में भी भक्तों ने जलाभिषेक किया.

 

शिव-पार्वती चित्र पर फोटो प्रतिबंध से श्रद्धालू नाराज

 

मंदिर परिसर में दीवारों पर चित्रित शिव-पार्वती की कलाकृति श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही, लेकिन इन पवित्र चित्रों पर फोटोग्राफरों ने नियंत्रण कर रखा था. श्रद्धालू जब भी अपने मोबाइल से तस्वीरें लेने की कोशिश करते, उन्हें रोक दिया जाता. इससे कई श्रद्धालू नाखुश दिखे और आस्था स्थल पर ऐसी रोक को अनुचित बताया.


सीढ़ियों पर देवी-देवताओं के चित्रों की धड़ल्ले से बिक्री

 

पहाड़ी मंदिर की चढ़ाई के दौरान सीढ़ियों पर देवी-देवताओं के चित्र और पोस्टर बेचते एक दुकानदार नजर आए. भक्तों की भावनाओं से जुड़े इन चित्रों की खुलेआम बिक्री मंदिर की पवित्रता को व्यावसायिक रूप देती दिखाई दी.


हरमू रोड पर लगा पार्किंग


श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को पूजा पाठ में परेशानी न हो इसके लिए पहाड़ी मंदिर के सभी एप्रोच मार्ग पर बैरिकेडिंग लगा दी गई थी. इसके कारण श्रद्धालुओं ने अपने वाहन को रोड किनारे खड़ी कर दिया.

 

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