Chaibasa (Shambhu Kumar): कोल्हान के पोड़ाहाट और सारंडा क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. मंगलवार को ऑपरेशन नवजीवन के तहत भाकपा माओवादी संगठन के चार सक्रिय सदस्यों ने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के समक्ष हथियारों के साथ चाईबासा के पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आत्मसमर्पण किया. इनमें 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमेटी सदस्य सलुका कायम उर्फ भुवनेश्वर उर्फ डांगिल भी शामिल है.
आत्मसमर्पण करने वालों के पास से एके-47, इंसास राइफल, वायरलेस सेट, मैगजीन और 2200 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए गए. आत्मसमर्पण करने वालों में सलुका कायम के अलावा एक लाख रुपये की इनामी दस्ता सदस्य कोदोमुनी कोड़ा उर्फ कोदम मुनी, दस्ता सदस्य पिंकी पूर्ति उर्फ सकाती पूर्ति और अनिता तामसोय उर्फ अनिता कायम उर्फ मुक्ता शामिल हैं. सलुका, कोदोमुनी और पिंकी ने चाईबासा पुलिस के समक्ष, जबकि अनिता ने सरायकेला-खरसावां पुलिस के समक्ष हथियार डाले.

पुलिस के समक्ष हथियार डाले
पुलिस के अनुसार, सलुका कायम के खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम में 90 और सरायकेला-खरसावां में छह, कुल 96 मामले दर्ज हैं. उसके पास से एक एके-47, दो मैगजीन और 843 कारतूस बरामद हुए. कोदोमुनी के खिलाफ सात मामले हैं और उसके पास से वायरलेस सेट व 697 कारतूस मिले. पिंकी पूर्ति के खिलाफ 13 मामले दर्ज हैं और उसके पास से वायरलेस सेट व 639 कारतूस बरामद हुए. अनिता के खिलाफ दोनों जिलों में कुल 13 मामले दर्ज हैं. उसके पास से इंसास राइफल, पांच मैगजीन और 97 कारतूस मिले. चारों के खिलाफ कुल 129 मामले दर्ज हैं.
बचे नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील
कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्टोफा ने आत्मसमर्पण को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए नक्सल विरोधी अभियान में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने बचे हुए माओवादियों से सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर हिंसा का रास्ता छोड़ने और मुख्यधारा में लौटने की अपील की.
वहीं सीआरपीएफ डीआईजी ने भी आत्मसमर्पण को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से कोल्हान में स्थिति बदली है. अब क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में विकास को गति देने की जरूरत है. सरायकेला-खरसावां एसपी मनोज स्वर्गियारी ने बताया कि क्षेत्र में अब गिने-चुने नक्सली ही सक्रिय हैं. वहीं डीआईजी ने कहा कि असीम मंडल के दस्ते पर सुरक्षा बलों की लगातार नजर है और उसकी गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आत्मसमर्पण करने वालों के लिए पुनर्वास का रास्ता खुला है, जबकि हिंसा जारी रखने वालों के खिलाफ सुरक्षा अभियान जारी रहेगा.
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