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रेलवे कर्मियों की वरिष्ठता मामला :  CAT का आदेश HC ने किया रद्द, केस दोबारा ट्रिब्यूनल को भेजा

झारखंड हाईकोर्ट ने रेलवे के टिकट परीक्षक (TE/TC) कर्मचारियों की वरिष्ठता से जुड़े मामले में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के आदेश को रद्द कर दिया है. वहीं मामला दोबारा विचार के लिए ट्रिब्यूनल को वापस भेज दिया है.  दरअसल रेलवे ने CAT, पटना बेंच की रांची सर्किट बेंच द्वारा 17 दिसंबर 2025 को पारित आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
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हाईकोर्ट

Ranchi :  झारखंड हाईकोर्ट ने रेलवे के टिकट परीक्षक (TE/TC) कर्मचारियों की वरिष्ठता से जुड़े मामले में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) के आदेश को रद्द कर दिया है. वहीं मामला दोबारा विचार के लिए ट्रिब्यूनल को वापस भेज दिया है.  दरअसल रेलवे ने CAT, पटना बेंच की रांची सर्किट बेंच द्वारा 17 दिसंबर 2025 को पारित आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

क्या है मामला 

रेलवे बोर्ड ने 22 फरवरी 2018 को RBE No. 28/2018 जारी कर वाणिज्यिक विभाग की तीन श्रेणियों Commercial Clerk (CC), Ticket Checking (TC) और Enquiry-cum-Reservation Clerk (ECRC) को चरणबद्ध तरीके से एकीकृत कर “Commercial and Ticketing Staff” का संयुक्त कैडर बनाने का निर्णय लिया था.


इसके बाद 5 अप्रैल 2019 को RBE No. 59/2019 के जरिए स्पष्ट किया गया कि 22 फरवरी 2018 तक कार्यरत कर्मचारियों की वरिष्ठता अलग-अलग रखी जाएगी. जबकि भविष्य में सीधी भर्ती से आने वाले कर्मचारियों के लिए संयुक्त वरिष्ठता लागू होगी.


मामले में शामिल कर्मचारी 22 फरवरी 2018 से पहले रेलवे के विभिन्न डिवीजनों में टिकट परीक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे. बाद में वर्ष 2022 में उन्होंने अपनी इच्छा से इंटर-डिवीजन ट्रांसफर लेकर धनबाद डिवीजन में योगदान दिया. रेलवे ने उन्हें डायरेक्ट रिक्रूटमेंट कोटे की रिक्तियों के विरुद्ध स्थानांतरित मानते हुए संयुक्त कैडर की वरिष्ठता सूची में शामिल कर दिया.


धनबाद डिवीजन ने 9 फरवरी 2023 को संयुक्त वरिष्ठता सूची जारी की. इससे असंतुष्ट कर्मचारियों ने CAT में याचिका दायर की. CAT ने 17 दिसंबर 2025 को वरिष्ठता सूची रद्द करते हुए संबंधित कर्मचारियों के लिए अलग वरिष्ठता सूची जारी करने का निर्देश दिया था.

 

हाई कोर्ट ने क्या कहा

हाईकोर्ट ने कहा कि 8 फरवरी 2023 को रेलवे के महाप्रबंधक, हाजीपुर की ओर से जारी स्पष्टीकरण में साफ किया गया था कि 22 फरवरी 2018 के बाद अपनी इच्छा से दूसरे डिवीजन में स्थानांतरित होकर आने वाले कर्मचारियों की वरिष्ठता यूनिफाइड/मर्ज्ड कैडर में निर्धारित की जाएगी.

 

खंडपीठ ने माना कि संबंधित कर्मचारी 22 फरवरी 2018 के बाद अपनी इच्छा से धनबाद डिवीजन में स्थानांतरित होकर आए थे, इसलिए उनकी वरिष्ठता संयुक्त कैडर में रखना रेलवे के 8 फरवरी 2023 के स्पष्टीकरण के अनुरूप था.

 

ऐसे में 9 फरवरी 2023 की वरिष्ठता सूची को रद्द करने का CAT का फैसला उचित नहीं था. कोर्ट ने रेलवे की रिट याचिका को निष्पादित कर दिया. 

 

 

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