Dhanbad News : सावन की अंतिम सोमवारी के पावन अवसर पर धनबाद के शिवालयों में श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. सुबह से ही विभिन्न शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं.
मटकुरिया स्थित प्रसिद्ध बाबा भूतनाथ मंदिर में भी अंतिम सोमवारी के अवसर पर भक्ति का अलौकिक स्वरूप देखने को मिला. सुबह से ही महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा.
अंतिम सोमवारी पर मंदिर परिसर में पूरे विधि-विधान, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच उज्जैन के प्रसिद्ध बाबा महाकाल की तर्ज पर बाबा भूतनाथ की भव्य भस्म आरती की गई. इसके बाद बाबा का आकर्षक और अलौकिक श्रृंगार कर विशेष भोग अर्पित किया गया.

भस्म आरती में श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में हुए लीन
मंदिर के पुजारी ने बताया कि विद्वान ब्राह्मणों के दिशा-निर्देश में महाकाल की तर्ज पर भस्म आरती का आयोजन किया गया. धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, पूरे विधि-विधान से आरती संपन्न हुई. आरती के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आए.
उन्होंने बताया कि सावन की अंतिम सोमवारी पर भस्म आरती की यह विशेष परंपरा पिछले दो वर्षों से लगातार निभाई जा रही है. श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को देखते हुए इस परंपरा को आगे भी पूरी भव्यता और धूमधाम के साथ जारी रखा जाएगा.
भस्म आरती और विशेष श्रृंगार के दौरान बाबा भूतनाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे. भक्तों ने बेलपत्र, फूल, दूध और जल अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया. इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय महाकाल के जयकारों से गूंजता रहा.
भक्तिमय माहौल में श्रद्धालु देर तक भगवान भोलेनाथ की आराधना करते रहे. मान्यता है कि बाबा भूतनाथ के दरबार में सच्ची श्रद्धा से पहुंचने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा अपने भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं.
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