Ranchi : ऑर्किड मेडिकल सेंटर की तरफ से हरमू रोड के किशोरगंज चौक स्थित LAGATAR MEDIA (Lagatar न्यूज पोर्टल) के कार्यालय में बुधवार को निःशुल्क मेडिकल हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया. इस दौरान 50 से अधिक लोगों ने अपना हेल्थ चेकअप कराया.
लगातार मीडिया परिवार के सदस्यों के अलावा समृद्धि स्क्वायर मार्केटिंग कांप्लेक्स के अन्य कार्यालयों व दुकानों में काम करने वाले लोगों ने कैंप में अपने स्वास्थ्य की जांच करायी.

हजारीबाग रोड स्थित ऑर्किड मेडिकल सेंटर चिकित्सक डॉ सचित कुमार (एमडी, मेडिसिन) ने लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और चिकित्सकीय सलाह दिया. स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनोकॉलोजिस्ट) डॉ इंदिरा डोकानिया ने करीब डेढ़ दर्जन महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की.
मेडिकल हेल्थ कैंप समापन के बाद डॉक्टर सुचित कुमार ने बताया कि कई तरह के मरीज भी मिले. इनमें से एक का शुगर लेवल 400 से ज्यादा मिला, जो दवा से कंट्रोल नहीं हो पा रहा है. मरीज को कुछ परामर्श दिया गया, उम्मीद है कि उन्हें अब राहत मिलेगी. हेल्थ कैंप में लोगों के शुगर, वेट, पल्स, ब्लड प्रेशर आदि की जांच की गई.
ऑर्किड अस्पताल की नर्स श्रुति कुमारी और आरती कुमारी ने मेडिकल कैंप में आने वाले लोगों के ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच की. जिसके आधार पर चिकित्सकों ने उन्हें चिकित्सकीय सलाह दी.
समृद्धि स्क्वायर के लोगों ने इस निःशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप में भाग लिया. लोगों ने इस तरह के आयोजन को लेकर प्रसन्नता जाहिर की और कहा कि ऐसे आयोजन समय-समय पर जरूर किए जाएं, ताकि लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिले.
डॉ सुचित कुमार ने बताया कि आजकल मेंटल स्ट्रेस (मानसिक दबाव) की समस्या लोगों में अधिक देखी जा रही है. इसके दुष्प्रभाव से हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज, शुगर, किडनी बीमारी की समस्याएं लोगों में आम होती जा रही हैं. लोग खुद को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम, हमेशा खुश रहना, अच्छी नींद और पौष्टिक आहार ले. ताकि आज के भाग दौड़ के माहौल में वे किसी बीमारी की चपेट में ना आए.
डॉ सुचित ने बताया कि आज पैर दर्द, घुटना दर्द, सर दर्द और स्वास रोग जैसी बीमारियां ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले रही है. इससे बचने के लिए लोग प्रतिदिन करीब आधे घंटे समय निकालकर जरूर व्यायाम करें, प्राणायाम, अनुलोम विलोम का सहारा ले.
डॉ सुचित ने बताया कि आज के समय में लोग बड़ी-बड़ी बीमारियों में भी बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक का इस्तेमाल करते हैं. इसका दुष्प्रभाव बाद में उनके शरीर पर दिखता है. सर्दी, खांसी और बुखार होने पर एक-दो दिन पेरासिटामोल से थोड़ी राहत मिल जाती है, लेकिन लंबे समय तक इस दवा के जारी रहने के लिए चिकित्सक से संपर्क करना अनिवार्य है. एंटीबायोटिक किसी भी स्थिति में बिना चिकित्सक के सलाह के ना ले.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment