Search

 
 
 

अगस्त से दिसंबर तक प्रिंट रेट से अधिक पर शराब बिक्री के 358 मामले, पर एक भी FIR नहीं

झारखंड में शराब घोटाला की जांच जैस-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं. इस बीच यह जानकारी सामने आई है कि बीते एक वर्ष में शराब दुकानों में शराब खरीदने वालों से जमकर अवैध वसूली की गई है. लोगों ने समय-समय पर विभाग से इसकी शिकायत भी की. लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने शराब दुकानों में मैन पवार सप्लाई करने वाली एजेंसी पर जुर्माना वसूल कर सिर्फ खानापूर्ति कर दी.
 

Vinit Abha Upadhyay

Ranchi :  झारखंड में शराब घोटाला की जांच जैस-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं. इस बीच यह जानकारी सामने आई है कि बीते एक वर्ष में शराब दुकानों में शराब खरीदने वालों से जमकर अवैध वसूली की गई है. लोगों ने समय-समय पर विभाग से इसकी शिकायत भी की. लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने शराब दुकानों में मैन पवार सप्लाई करने वाली एजेंसी पर जुर्माना वसूल कर सिर्फ खानापूर्ति कर दी. 

 

एफआईआर करने के बजाए सिर्फ जुर्माना वसूला

आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2024 से दिसंबर 2024 तक राज्य भर में प्रिंट रेट से ज्यादा कीमत पर शराब बिक्री की 358 शिकायतें मिली. लेकिन उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने किसी भी मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के बजाए मैन पवार सप्लाई करने वाली एजेंसी से सिर्फ जुर्माना वसूला. नतीजन राज्य में प्रिंट रेट से ज्यादा कीमत पर शराब बिकती रही और आम लोगों की जेब कटती रही.

 

रांची में सबसे अधिक शिकायतें, विभाग ने जुर्माना वसूलकर की खानापूर्ति

अगस्त से दिसंबर 2024 तक रांची में सबसे अधिक शराब दुकानदारों द्वारा ग्राहकों से प्रिंट रेट से ज्यादा कीमत वसूलने की शिकायतें मिलीं. इसके अलावा अन्य जिलों से भी शिकायतें मिलीं. रांची में 224, बोकारो में 29, पलामू में 25, धनबाद में 16, दुमका में 10, खूंटी में 6, जमशेदपुर में 6, देवघर में 6, रामगढ़ में 4 और चतरा में 4 शिकायतें की गयी. इसके बावजूद उत्पाद विभाग ने इन दुकानदारों से सिर्फ 32 लाख का जुर्माना वसूला. लेकिन कानूनी कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं किया गया. 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही